सीधी : मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड जनजातीय पर्यटन ग्रामीण संस्कृति एवं इन्द्रवती नाट्य समिति सीधी और बकवा के स्थानीय समुदाय द्वारा गांव में बनाये गये होमस्टे सुकून भरे पल बिताने के लिए बेहतरीन है। शासन की इस पहल से गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा।परियोजना के क्रियान्वयन में इन्द्रवती नाट्य समिति सीधी ने सहयोगी संस्था तथा जरब जनजातीय पर्यटन, शिक्षा एवं लोक कला विकास समिति, बकवा ने स्थानीय स्तर पर मुख्य संयोजन की भूमिका निभाई। शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर गांव की शांत आबोहवा, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय जीवनशैली के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर अब पर्यटकों को सीधी जिले के बकवा में मिलेगा।
म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन, ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बकवा में विकसित होमस्टे परियोजना के तहत प्रथम चरण के छह होमस्टे का संचालन शुरू कर दिया गया है। कुल 10 होमस्टे विकसित किए जाने हैं। इस पहल से जहां पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश का अनुभव मिलेगा, वहीं स्थानीय परिवारों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।परियोजना के प्रथम चरण में जिन 6 होमस्टे का लोकार्पण किया गया है उनमें घोटिहारी होमस्टे के हितग्राही संसार सिंह, सइलाडंडा होमस्टे के लल्लू सिंह, करमा होमस्टे के वरुण सिंह, संगम होमस्टे के जगन्नाथ जायसवाल, सुआ छपइया होमस्टे के चंद्रभान सिंह तथा डमरू होमस्टे के कृष्ण प्रताप सिंह शामिल हैं। होमस्टे के संचालन से स्थानीय परिवार सीधे पर्यटन गतिविधियों से जुड़ेंगे और अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती: डॉ.राजेश
सांसद डॉ.राजेश मिश्रा ने कहा कि होमस्टे परियोजना जनजातीय अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और परम्पराओं को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सांस्कृतिक विरासत बड़ी पहचान: टेकाम
धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक जीवनशैली इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान है। होमस्टे परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं और परिवारों की आय में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
