जबलपुर: रसोई गैस उपभोक्ताओं को एलपीजी के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन द्वारा चलाई जा रही विशेष मुहिम को जबलपुर में प्रशासनिक सुस्ती का ग्रहण लग गया है। आयुक्त कार्यालय भोपाल एवं खाद्य मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी वितरण वाहनों पर सुरक्षा जागरूकता गीत ‘भाई आया रे गैस सिलेंडर बजाना अनिवार्य करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, जबलपुर द्वारा स्थानीय स्तर पर अब तक कोई पत्राचार या औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। विभागीय अनदेखी के चलते जबलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दौड़ने वाले एलपीजी वाहनों में यह सुरक्षा गीत नहीं बज सकेगा।
अन्य जिलों में सख्ती, संस्कारधानी में चुप्पी
गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में वहां के कलेक्टरों और जिला आपूर्ति अधिकारियों ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर गैस एजेंसियों को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेते समय वजन की जांच करने, एक्सपायरी डेट देखने और लीकेज की जांच जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना है। लेकिन जबलपुर जिला खाद्य विभाग की इस चुप्पी से सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण जनहितैषी योजना ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
उपभोक्ता हो रहे अधिकारों से वंचित
सुरक्षा जागरूकता गीत के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह बताया जाना है कि सिलेंडर लेते समय उसका वजन करवाना उनका अधिकार है। हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में कम वजन वाले सिलेंडर और अवैध रिफिलिंग के मामले सामने आए हैं। ऐसे में इस अभियान की सार्थकता और बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि जब वरिष्ठ कार्यालयों से नीतिगत निर्णय लेकर पत्र जारी किए जा चुके हैं, तो स्थानीय स्तर पर आदेश जारी करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? यदि जल्द ही विभाग ने स्थानीय गैस एजेंसियों को पत्राचार नहीं किया, तो शहर की जनता इस महत्वपूर्ण सुरक्षा सीख से वंचित रह जाएगी।
