
देवास। डकैती के गंभीर मामले में सजा मिलने के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ बंदी करीब 26 वर्षों तक कानून की पकड़ से दूर रहा। वर्ष 1999 में न्यायालय में पेशी के बाद मक्सी रेलवे स्टेशन से फरार हुए पांच दंडित बंदियों में से एक लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। लगातार तलाश और गिरफ्तारी के प्रयासों के बीच आखिरकार पुलिस को उसके संबंध में अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार डकैती के प्रकरण में दंडित बंदी संतोष पिता छगन, मोहन पिता छगन, मैथ्यू पिता नाना, प्रताप पिता छगन एवं बुद्धेसिंह उर्फ बुधिया पिता रेमासिंह बामनिया निवासी बोरी, थाना बागली को अपर सत्र न्यायाधीश कन्नौद द्वारा धारा 396, 395 भादवि के प्रकरण में 27 फरवरी 1999 को सजा से दंडित कर जेल भेजा गया था।
उक्त बंदियों को न्यायालय, बुधनी के लंबित प्रकरण में पेशी हेतु 9 जुलाई 1999 को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय ले जाया गया था। पेशी के पश्चात सभी दंडित बंदी मक्सी रेलवे स्टेशन से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए थे। इस संबंध में ड्यूटी पर तैनात पुलिस गार्ड द्वारा थाना जीआरपी, उज्जैन में 10 जुलाई 1999 को प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया था। फरार बंदियों की गिरफ्तारी हेतु केंद्रीय जेल उज्जैन द्वारा समय-समय पर संबंधित पुलिस इकाइयों को पत्र जारी कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जाते रहे। वर्ष 2015 से 2026 तक विभिन्न तिथियों में गिरफ्तारी हेतु लगातार पत्राचार एवं प्रयास किए गए।
विशेष टीम ने की प्रभावी कार्रवाई-
उक्त गंभीर प्रकरण में लंबे समय से फरार दंडित बंदी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बागली संजयसिंह बैस के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। विशेष टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, भौतिक साक्ष्यों एवं सक्रिय मुखबिर तंत्र के माध्यम से फरार दंडित बंदी की तलाश की गई। प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर फरार बंदी बुद्धेसिंह उर्फ बुधिया पिता रेमासिंह बामनिया निवासी बोरी की लोकेशन ग्राम बोरी के जंगल क्षेत्र में होना ज्ञात हुई। सूचना की पुष्टि के उपरांत पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तथा 26 वर्षों से फरार बुद्धेसिंह को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।
सराहनीय योगदान- कार्रवाई में निरीक्षक जीवन भिड़ोरे, उप निरीक्षक राकेश चौहान, प्रधान आरक्षक रामप्रताप सिंह चौहान, अरुण चौहान, आरक्षक सतीश वास्कले, अनिल सिंह, विशाल चन्द्रवंशी की सराहनीय भूमिका रही।
उल्लेखनीय है कि देवास पुलिस द्वारा “ऑपरेशन हवालात” के तहत 1 नवंबर 2024 से आज तक 1517 फरार/स्थायी/गिरफ्तारी वारंटी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन पर कुल 2,06,500 रुपए का इनाम उद्घोषित था।
