
श्री गांधी ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और सभी बचाव दलों से हर संभव प्रयास कर प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। श्री गांधी ने बताया कि कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस नेता ने छात्रों के रहने की परिस्थितियों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्र पीजी में एक ही छत के नीचे बड़ी संख्या में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
वहीं, श्रीमती वाड्रा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास बिल्डिंग ढहने की खबर झकझोर देने वाली है। बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है, जिनमें कई छात्र भी शामिल हैं। उन्होंने सभी की कुशलता की कामना करते हुए प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई और कांग्रेस के साथी मौके पर यथासंभव मदद कर रहे हैं तथा कांग्रेस की संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
