नयी दिल्ली, 04 सितंबर (वार्ता) गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन, पर्याप्त घरेलू भंडार और निर्यात के धीरे-धीरे फिर से खुलने से भारत के पास 1.5 अरब डॉलर के गेहूं निर्यात का मौका है।
प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने शुक्रवार को कहा कि हाल ही में सरकार ने गेहूं की खास किस्मों, गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों की निर्या नीति को “प्रतिबंधित” से “मुक्त” कर दिया है। इस कदम में गेहूं, ड्यूरम गेहूं, आटा, मैदा, सूजी/रवा और उससे जुड़े उत्पाद शामिल हैं। इससे भारतीय गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच मिलने, निर्यात से होने वाली कमाई को समर्थन मिलने, भारतीय उत्पादकों और उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के मौके बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय गेहूं व्यापार में देश की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।
