सीहोर। सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या के बीच स्कूलों को मर्ज करने और संसाधनों का युक्तियुक्त उपयोग करने की सरकारी कवायद पर जिले के दो स्कूल गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.
इछावर के शिकारपुर में महज 5 छात्रों पर 3 शिक्षक पदस्थ हैं और स्कूल एक कमरे में चल रहा है. वहीं नोनीखेड़ी काजी के सरकारी प्राथमिक स्कूल में वास्तविक उपस्थिति बेहद कम होने के बावजूद रिकॉर्ड में 14 छात्र दर्ज हैं और उनके नाम पर मिड-डे मील तैयार किए जाने की शिकायत है. यह स्थिति पिछले दो साल से बनी होने की बात सामने आई है, जबकि नोनीखेड़ी काजी में दर्ज छात्रों और वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर की शिकायतों ने स्कूल रिकॉर्ड की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.ऐसे में सवाल सिर्फ कम छात्र संख्या का नहीं, बल्कि स्कूलों की समीक्षा, शिक्षकों की पदस्थापना, छात्र रिकॉर्ड और मिड-डे मील व्यवस्था की मॉनिटरिंग का भी है. यदि स्कूल में छात्र संख्या लगातार कम है तो उसे बंद करने या नजदीकी स्कूल में मर्ज करने की प्रक्रिया क्यों नहीं की गई.
शिकारपुर गांव के शासकीय माध्यमिक स्कूल में महज 5 छात्र दर्ज बताए जा रहे हैं. इन्हें पढ़ाने 3 शिक्षक पदस्थ हैं. ग्रामीणों का कहना है कि दर्ज पांचों बच्चे भी नियमित रूप से स्कूल नहीं आते. इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी है और पूरा स्कूल एक ही कमरे में सिमटा हुआ है. स्कूल परिसर में बच्चों के लिए साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं है और खेल मैदान भी नहीं है. इन कमियों के चलते कई अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करा दिया है. बताया गया कि यह स्थिति एक-दो दिन की नहीं, बल्कि दो साल से बनी हुई है.
ग्रामीणों ने शिकायत की है कि स्कूल में बच्चों की उपस्थिति नहीं होने के बावजूद रिकॉर्ड में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है. आरोप है कि इन्हीं दर्ज छात्रों के नाम पर मध्यान्ह भोजन भी तैयार किया जा रहा है और उसका भुगतान हो रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में दर्ज कई बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, लेकिन उनके सरकारी स्कूल से टीसी जारी नहीं होने की बात सामने आई है. स्कूल रिकॉर्ड में 14 छात्र दर्ज हैं. संस्था प्रभारी के अनुसार कभी-कभी केवल एक-दो बच्चे ही स्कूल आते हैं। ऐसे में उपस्थिति पंजी, मिड-डे मील रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड का मौके पर मिलान कराना जरूरी है. शिकारपुर में बेहद कम छात्र संख्या के बावजूद तीन शिक्षकों की पदस्थापना और नोनीखेड़ी काजी में दर्ज छात्र संख्या व वास्तविक उपस्थिति के अंतर की शिकायतें विभागीय मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े करती हैं। जब स्कूलों की छात्र संख्या, उपस्थिति और मिड-डे मील का रिकॉर्ड नियमित रूप से जांचा जाता है, तो ये हालात लंबे समय तक कैसे बने रहे.
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा का कहना है कि दोनों मामलों की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। स्कूलों की वास्तविक छात्र संख्या, शिक्षकों की पदस्थापना और अन्य रिकॉर्ड की जांच होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
