ग्वालियर: राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कथक नृत्य विभाग द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव” का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण इस आयोजन में विभाग के विद्यार्थियों ने कथक नृत्य के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, उनके दिव्य स्वरूप और कृष्ण-भक्ति के विविध भावों को अभिव्यक्त किया।
कुलपति प्रोफेसर स्मिता सहस्रबुद्धे तथा कथक नृत्य विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना झा के निर्देशन में आयोजित यह महोत्सव विभाग की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। कथक नृत्य विभाग द्वारा विगत नौ वर्षों से निरंतर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शास्त्रीय नृत्य प्रशिक्षण के साथ भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य और जीवन-मूल्यों से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ “कृष्ण जनम भयो आज” की आनंदमयी प्रस्तुति से हुआ। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों भूमिका पाल, रागिनी कुशवाह, श्रीति जैन, दिव्यांशी राठौर, उमेश प्रजापति एवं हर्षिता राय ने कथक की भाव-भंगिमाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्म के उल्लास को मंच पर साकार किया। प्रस्तुति में कृष्ण जन्म की प्रसन्नता और भक्तिभाव का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इसके पश्चात “कस्तूरी तिलकम” कृष्ण वंदना की प्रस्तुति हुई। सोनाली जैन, कामाक्षी शर्मा एवं नंदिनी जेरोनिया ने भगवान श्रीकृष्ण के मनोहारी एवं दिव्य स्वरूप को कथक की भावपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। कलाकारों की मुद्राओं, भावों और नृत्य संयोजन ने संपूर्ण वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना झा ने कहा कि “कथक केवल मनोरंजन अथवा मंचीय प्रस्तुति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन, साहित्य और आध्यात्मिक चिंतन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की सशक्त कला है।
