उज्जैन: महाकाल की नगरी अब सिर्फ धार्मिक राजधानी नहीं रही,बल्कि उद्योग नगरी में तब्दील हो चुकी है और अब सड़क मार्ग के बाद वायु मार्ग से भी श्रद्धालु दर्शन और भ्रमण के लिए यहां पहुंचेंगे, इसके लिए देवास रोड़ स्थित दताना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील किया जा रहा है और लगभग 600 करोड़ की राशि से यहां जब हवाई अड्डा बनेगा तो किसानों की जमीन भी अधिग्रहित की जाएगी, और उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा.
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच दताना-मताना हवाई पट्टी को आधुनिक एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. शुक्रवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने दताना क्षेत्र में एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की सुनवाई की. एयरपोर्ट निर्माण के लिए बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है, जिसके एवज में नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा.
135 हेक्टेयर जमीन की जरूरत
दताना-मताना क्षेत्र में करीब 135 हेक्टेयर यानी 437 एकड़ से अधिक जमीन पर एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है. परियोजना के लिए प्रदेश सरकार करीब 590 करोड़ रुपए की मंजूरी दे चुकी है, जिसमें बड़ा हिस्सा भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगा. एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने की योजना है. रनवे की लंबाई बढ़ाकर करीब 3600 से 4000 मीटर तक किए जाने का प्रस्ताव भी सामने आया है.
हवाई मार्ग से दर्शन
सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है. इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हवाई मार्ग से उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे. एयरपोर्ट बनने से उज्जैन की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और इंदौर पर निर्भरता भी कम होगी.
अंतर्राष्ट्रीय कार्गो भी
एयरपोर्ट के निर्माण के साथ दताना-मताना और देवास रोड क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. होटल, आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य सुविधाएं विकसित होने से जमीन की मांग बढ़ सकती है. बाहरी निवेशकों की नजर भी उज्जैन पर है. एयरपोर्ट के साथ यदि अंतरराष्ट्रीय कार्गो की सुविधा सरकार के प्लान में है. तो शहर में आने वाली औद्योगिक इकाइयों को भी इसका लाभ मिलेगा.
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की मॉनीटरिंग
प्रशासनिक स्तर पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. प्रारंभिक तकनीकी कार्य और मिट्टी परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं भी की जा चुकी हैं. एयरपोर्ट के आकार लेने के साथ दताना-मताना से लेकर देवास रोड तक का पूरा क्षेत्र उज्जैन के विकास और आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है
