
उज्जैन। रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे ‘ईवान खान’ को फेलोशिप 2026-2028 के लिए चयनित किया गया। इस अवसर पर सीईपीटी यूनिवर्सिटी अहमदाबाद में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। यह फेलोशिप वास्तुकला, स्मृति, स्थान और प्रदर्शन कलाओं के बीच नए संबंधों की खोज करने वाले रचनात्मक एवं शोधपरक कार्यों को प्रोत्साहित करती है।
फेलोशिप के लिए ईवान खान के प्रस्ताव का चयन उनकी स्थान और स्मृति को रंगमंच एवं प्रदर्शन कला के माध्यम से समझने की अनूठी दृष्टि के लिए किया गया। उनका शोध यह जानने का प्रयास करता है कि मनुष्य अपने आसपास के निर्मित वातावरण को किस प्रकार अनुभव करता है और स्मृतियां इन स्थानों के साथ हमारे संबंधों को कैसे प्रभावित करती हैं।
फेलोशिप समिति के अनुसार, ईवान का प्रस्ताव विचारोत्तेजक, महत्वाकांक्षी और विशिष्ट है। उनके लंबे रंगमंचीय अनुभव और निरंतर रचनात्मक सक्रियता को देखते हुए समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि उनका यह शोध आर्किटेक्चर, स्मृति, स्पेस और परफॉर्मेंस के बीच संवाद को नई दिशा देगा। ईवान खान एक रंगमंच निर्देशक, लेखक, डिज़ाइनर, शोधकर्ता, अभिनेता एवं कला-शिक्षक के रूप में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने निर्देशन, अभिनय, रंगमंच शिक्षा और प्रयोगात्मक रंगमंच के क्षेत्र में देशभर में कार्य किया है। उनका मानना है कि रंगमंच केवल प्रस्तुति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, मनुष्य, स्मृति और उसके परिवेश को समझने का एक प्रभावी माध्यम भी है।
इस उपलब्धि पर ईवान खान ने कहा
यह फेलोशिप मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि अपने रंगमंचीय अनुभवों को एक नए शोध और रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का अवसर है। वास्तुकला, स्मृति और प्रदर्शन के बीच संबंधों को समझना मेरे लिए एक नई और बेहद रोमांचक यात्रा है। ईवान खान का यह शोध रंगमंच और वास्तुकला के बीच नए संवाद की संभावनाओं को तलाशेगा।
