
भोपाल। अरेरा कॉलोनी में कथित अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ लंबे समय से अभियान चला रहे रहवासियों ने भोपाल नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रहवासियों का आरोप है कि कार्रवाई में समानता नहीं बरती जा रही है।
याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कॉलोनी में चिन्हित कथित अवैध मॉलों और बड़े व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ प्रभावी ढंग से सीलिंग और बंद करने की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि रहवासियों ने इस संबंध में कई बार नगर निगम को शिकायतें और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।
रहवासियों का आरोप है कि जहां छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वहीं बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान कथित तौर पर ऐसी कार्रवाई से बचे हुए हैं। इससे कार्रवाई में भेदभाव के आरोप लग रहे हैं।
विवेक त्रिपाठी ने बताया कि रहवासियों ने कथित असमान कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और संबंधित दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने सभी कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ एक समान कार्रवाई तथा आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही की जवाबदेही तय करने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितम्बर को निर्धारित है।
