
मक्सी/नैनावद। ग्राम संकोटा में एक अज्ञात व्यक्ति के अर्धनग्न अवस्था में घूमने की सूचना ग्रामीणों ने नैनावद पुलिस सहायता केंद्र को दी। सूचना मिलते ही एसडीओपी तराना एवं थाना प्रभारी तराना रामनारायण सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक गोकुल सिंह मंडोत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को पुलिस सहायता केंद्र नैनावद लाया गया।
प्रथम दृष्टया युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर युवक ने इंदौर देवास नाका स्थित ट्रांसपोर्ट से आने की बात बताई। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट पर संपर्क कर जानकारी जुटाई तो युवक की पहचान दीपक पिता रामरूप राठौड़ निवासी ग्वालियर के रूप में हुई। जानकारी में सामने आया कि दीपक पेशे से ड्राइवर है और वह पिछले दिन सुबह से देवास नाका से लापता था। संभवतः वह पैदल अथवा किसी अज्ञात वाहन से ग्राम संकोटा पहुंच गया था।
पुलिस सहायता केंद्र नैनावद प्रभारी गोकुल सिंह मंडोत ने मानवता का परिचय देते हुए दीपक को भोजन कराया तथा पहनने के लिए कपड़े उपलब्ध करवाए। इसके बाद उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें बुलाया गया और दीपक को सकुशल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने उज्जैन पुलिस की तत्परता एवं मानवीय पहल के लिए पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक गोकुल सिंह मंडोत, प्रधान आरक्षक महेश भिलाला एवं आरक्षक नरेंद्र गुर्जर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
