नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाया है। और उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच देश की रियल GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। खास बात ये है कि RBI ने इस दौरान 7 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लगाया था। यानी अर्थव्यवस्था ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है।
पिछले साल इसी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.9 प्रतिशत थी। हालांकि, जनवरी से मार्च की पिछली तिमाही के 8.6 प्रतिशत के मुकाबले इस बार रफ्तार थोड़ी धीमी रही। इसके बावजूद वैश्विक तनाव, सप्लाई चेन की चुनौतियों और महंगे कच्चे तेल के बीच 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ को मजबूत संकेत माना जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रियल GDP बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि रियल GVA में 8.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। फाइनेंस, रियल एस्टेट, IT और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में 11.5 प्रतिशत की ग्रोथ ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। वहीं, फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट में भी 11.9 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है।
GDP के इस आंकड़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई और इसे देशवासियों की सामूहिक शक्ति और मेहनत का नतीजा बताया। वहीं, प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक तरफ देश आर्थिक प्रगति कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग निराशा फैलाने में लगे हैं दरअसल, राहुल गांधी देश में आने वाले ‘आर्थिक तूफान’ को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में मजबूत GDP ग्रोथ ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।
हालांकि, आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं है। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। RBI ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
