नई दिल्ली, देश में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार दूसरे महीने लगभग 5.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे दिल्ली में जेट ईंधन का नया दाम 121.28 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का करीब 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, ऐसे में लागत बढ़ने का सीधा असर एयरलाइंस के बजट पर पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकता है यात्रियों पर टिकटों का बोझ
अक्टूबर से नवंबर के बीच आने वाले प्रमुख त्योहारों जैसे दशहरा और दीपावली के दौरान यात्रा की मांग में भारी तेजी देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती परिचालन लागत और त्योहारी सीजन की उच्च मांग के चलते एयरलाइंस इस अतिरिक्त वित्तीय भार का कुछ हिस्सा यात्रियों के टिकटों पर डाल सकती हैं, जिससे अंतिम समय में बुकिंग करने वालों को अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है।
पारदर्शिता और नियामक निगरानी की आवश्यकता पर जोर
उपभोक्ता नीति विशेषज्ञों ने मांग की है कि विमानन नियामक (DGCA) को त्योहारी सीजन के दौरान हवाई किराए पर पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ईंधन के नाम पर यात्रियों से अनुचित या अत्यधिक किराया न वसूला जाए। साथ ही, एयरलाइंस से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वे किराए में किसी भी प्रकार के बदलाव को लेकर पूरी पारदर्शिता बरतें।

