गढ़चिरौली, 01 सितंबर (वार्ता) पूर्व शीर्ष माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति की निरंतर अपील और पुनर्वास प्रयासों के बाद छत्तीसगढ़ के 50 पूर्व माओवादी मुख्यधारा में लौट आए हैं
अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पहले आत्मसमर्पण करने वाले लगभग 50 पूर्व माओवादी कैडर अब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में अपने पैतृक गांवों में लौट आए हैं।
यह कदम पुनर्वास की लगातार कोशिशों और माओवादी संगठन के पूर्व वरिष्ठ नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति की अपील के बाद उठाया गया है। भूपति ने महाराष्ट्र प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण किया था और तब से वे भूमिगत कैडरों को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन पूर्व कैडरों में से कई दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठनों से जुड़े थे। उन्होंने सरकारी पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से अपना जीवन फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इनमें से कई लोगों ने हथियार डालने से पहले छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र में प्रवेश किया था।
अधिकारियों ने बताया कि पुनर्वास नीति – जिसमें आर्थिक सहायता, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों के लिए मदद शामिल है – ने पूर्व विद्रोहियों को समाज में लौटने के लिए प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई है।
अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों की उनके पैतृक गांवों में वापसी को पुनर्वास प्रक्रिया में बढ़ते भरोसे का सकारात्मक संकेत और इस क्षेत्र में कमजोर पड़ रहे माओवादी आंदोलन के लिए एक झटका बताया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि और भी भूमिगत कैडर इसी रास्ते पर चलेंगे और शांतिपूर्ण नागरिक जीवन अपनाएंगे।
