
ग्वालियर। बलराम जयंती पर ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित किसान समागम केवल किसानों के सम्मान और कृषि योजनाओं तक सीमित नहीं रहा। एक ही मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से भी खास बना दिया।ग्वालियर-चंबल की राजनीति में अलग-अलग प्रभाव रखने वाले तीन प्रमुख नेताओं का एक मंच पर दिखाई देना अपने आप में महत्वपूर्ण रहा। आयोजन में किसानों से जुड़े मुद्दों, कृषि तकनीक और सरकार की योजनाओं पर जोर रहा, वहीं मंच की तस्वीर ने क्षेत्र की राजनीतिक अहमियत को भी सामने रखा।मुख्यमंत्री की घोषणाओं में किसानों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली देने का ऐलान प्रमुख रहा, लेकिन इस आयोजन का महत्व केवल इस घोषणा तक सीमित नहीं है।
मेला मैदान में जुटा किसान वर्ग, कृषि उपकरणों का प्रदर्शन और सरकार की योजनाओं का संदेश—इन सबने मिलकर प्रदेश में किसान केंद्रित राजनीति की दिशा को भी रेखांकित किया। ग्वालियर-चंबल अंचल लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में तीनों प्रमुख नेताओं का एक साथ मंच साझा करना यह बताने के लिए पर्याप्त है कि किसान और ग्वालियर-चंबल अंचल दोनों ही राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
अब इस आयोजन की तस्वीर और मंच से दिए गए संदेश का असर आने वाले दिनों में कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।
