नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स के तहत उनका नाम जानबूझकर ‘शिफ्टेड’ कैटेगरी में डाला गया है। उन्होंने इसे आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की ओर से की गई राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, क्योंकि वह हाल ही में ‘आप’ छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं।
चुनाव आयोग के नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का दावा
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की एसआईआर गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(d) के तहत सांसदों और विधायकों जैसे जनप्रतिनिधियों के नाम सुरक्षित सूची में आते हैं। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर उनके नाम को निशाना बनाया गया, जिससे यह साफ होता है कि इसमें राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी ने आरोपों को नकारा और पलटवार किया
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और संशोधित करने का पूरा काम चुनाव आयोग का होता है, जिसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। ‘आप’ ने दावा किया कि चड्ढा खुद दिल्ली में बैकडेटेड प्रक्रिया के जरिए अपना वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे थे और अब अपनी कमियों का ठीकरा पार्टी पर फोड़ रहे हैं।

