
बालाघाट, बैगा आदिवासी अंचल में मलेरिया, टायफाइड, डायरिया और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों के मामले में गांवों में ग्रामीण और बच्चे मलेरिया, टायफाइड, डायरिया, बुखार और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन मौतों से जुड़े आंकड़े कांग्रेस पार्टी के पास मौजूद हैं।
इस संबंध प्रेस वार्ता करते हुए
मासूम बैगा बच्चों की दुखद मृत्यु के विरोध में बालाघाट बंद का बालाघाट केमिस्ट एसोसिएशन ने किया समर्थन
बालाघाट के मासूम बैगा बच्चों की दुखद मृत्यु के मामले में शासन द्वारा अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं किए जाने के विरोध में कल प्रस्तावित बालाघाट बंद का बालाघाट केमिस्ट एसोसिएशन पूर्ण समर्थन करता है।
एसोसिएशन का कहना है कि मासूम कि मासूम बच्चों की मृत्यु के बाद भी यदि जिम्मेदारी तय नहीं होती है, तो यह शासन-प्रशासन की गंभीर संवेदनहीनता को दर्शाता है। केवल दो दो लाख रुपये की सहायता राशि देकर इन मासूम बच्चों की मौत के मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता। सरकार को इस घटना की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
इसी प्रकार छिंदवाड़ा में बच्चों की मृत्यु की घटना के समय भी शासन द्वारा तत्काल जिम्मेदारी तय करते हुए निर्दोष दवा व्यापारियो पर आवश्यक कार्रवाई की गई थी। ऐसे मामलों में निर्दोषों को छोड़कर त्वरित रूप से जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इसके विपरीत, बालाघाट में 29 मासूम बच्चों की मृत्यु के वावजूद आज दिनांक तक जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय नहीं होना अत्यंत चिंताजनक है। शासन द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को दबाने के बजाय दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।
बालाघाट केमिस्ट एसोसिएशन एवं आईएमए के निर्णयानुसार, प्रस्तावित बालाघाट बंद के दौरान सभी दवा दुकानें दोपहर 1:00 बजे तक बंद रहेंगी। इस दौरान एसोसिएशन द्वारा दिवंगत मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
एसोसिएशन सरकार से मांग करता है कि इस घटना की समुचित जांच कर दोषियों की जवाबदेही तत्काल तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटना की पुनरावृत्ति न हो और मासूम बच्चों की जान की कीमत पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार न की जाए।
