
सतना, वैसे तो शहर सहित जिले भर में पिछले पखवाड़े भर से अधिक समय से वर्षा का दौर जारी है. लेकिन मंगलवार की रात से जिस तरह लगातार बारिश हो रही है उसे देखते हुए खण्ड प्रलय की आशंका मंडराने लगी है. नदी-नाले के उफनाने से एक ओर जहां जिले के कई गावों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है वहीं दूसरी ओर शहर में कई प्रमुख क्षेत्र व मार्ग जल भराव से बुरी तरह प्रभावित नजर आने लगे हैं.
मौसम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर रात लगभग ढाई बजे से शुरु होकर बुधवार की शाम तक यानी तकरीबन 15 घंटे के अंतराल में शहर में 120 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. इसके बावजूद भी लगातार बारिश का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में मौसम विभाग द्वारा समय समय पर अति भारी वर्षा का एलर्ट भी साझा किया जा रहा है. जिसे देखते हुए प्रशासन सहित आमजन की चिंताएं काफी बढऩे लगी हैं. हलांकि प्रशासन-पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएएफ सहित अन्य विभाग के लोग मैदान में उतरते हुए राहत कार्य जारी रखने के साथ ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लेकिन प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात को लेकर है कि यदि वर्षा का क्रम ऐसे ही आगे भी जारी रहा तो गुरुवार को स्थिति संभालना खासा चुनौतीपूूर्ण हो जाएगा. आलत यह है कि जैसे ही वर्षा का क्रम थोड़ा धीमा होता है वैसे ही लोग राहत की सांस लेने लगते हैं. लेकिन उसके कुछ देर बाद जैसे ही एक बार फिर से वर्षा आरंभ हो जाती है, वैसे ही लोगों की ङ्क्षचताएं बढऩे लग रही हैं.
यदि शहर की बात की जाए तो बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक का समय लोगों के लिए काफी डरावना साबित हुआ. शहर के बरदाडीह, मयूर विहार, पन्ना नाका, उमरी, विराट नगर, सिविल लाइन, मास्टर प्लान, यातायात थाने से सटा निचना इलाका, राजेंद्र नगर, खूंथी, जवाहर नगर, रेलवे कालोनी, धवारी, प्रेम नगर, पग्रेम विहार कालोनी, कोतवाली चौक से लेकर जयस्तंभ चौक, स्टेशन रोड, लालता चौक, अस्पताल रोड से लेकर अस्पताल परिसर, पुष्पराज कालोनी, महात्मा गांधी मार्ग, जगतदेव तालाब रोड, खेरमाई रोड क्षेत्र, रीवा रोड, बस स्टैण्ड परिसर, बभनगवां, भरहुत नगर, सर्किट हाउस चौक से लेकर ननि कार्यालय व व्यंकट 2 विद्यालय सहित कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव ने खण्ड प्रलय जैसी स्थिति पैदा कर दी. अंडर ब्रिज में जलभराव की स्थिति इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच गई कि विधि महाविद्यालय के सामने से ही बैरीकेटिंग लगाकर रास्ते को बंद करना पड़ा. हलांकि जबरदस्त जल भराव की स्थिति के बावजूद भी किसी जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई. लेकिन इसके चलते लोगों का नुकसान और मुसीबत कई गुना अधिक बढ़ गई.
सब स्टेशन भी डूबा
लगातारर हो रही वर्षा की तीव्रता की तस्दीक इसी बात से की जा सकती है कि शहर के बरदाडीह क्षेत्र में स्थित मप्रपूक्षेविविकंलि का उप केंद्र तक जलभराव का शिकार हो गया. जिसके चलते विद्युत सप्लाई को काटने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आंकलन किया. इसी कड़ी में शहर के कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर कुछ ट्रांसफार्मरों की विद्युत आपूर्ति रोक दी गई. इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में स्थित खंबों पर करेंट उतरने की शिकायतें भी सामने आईं.
सडक़ पर आया भरहुत नाला
लगातार हो रही वर्षा के कारण जल भराव के लिहाज से शहर के सबसे अधिक संवेदनशील माने जाने वाले भरहुत नगर की स्थिति काफी भयावह होती नजर आने लगी. न सिर्फ क्षेत्र की लगभग सारी सडक़ व गलियां पानी में डूब गईं बल्कि लोगो के घर व दुकानों में भी पानी घुसने लगा. जिसकी जद में भाजपा कार्यालय भी आ गया. वहीं कुछ देर बाद ही हालात उस वक्त हाथ से निकलते नजर आने लगे जब भरहुत नाला उफना कर सडक़ पर बहने लगा. जिसे देख 10 वर्ष की भयावह यादें ताजा हो गईं. हलांकि गनीमत यह रही कि ननि अमले द्वारा फौरन ही निकासी के मार्ग को साफ करते हुए पानी निकालने की कवायद शुरु कर दी. जिसके कारण कुछ समय बाद ही स्थित सुधरती नतालाब की ओर मोड़ा पानी
जर आने लगी.
खेरमाई सहित उससे संबंधित नालों के उफनाते ही शहर की पुष्पराज कालोनी क्षेत्र में तकरीबन 4 फीट से अधिक पानी भरना शुरु हो गया. नाले का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा. स्थिति बिगड़ती देख ननि अमले द्वारा जगतदेव तालाब की मेड़ में एक गड्ढा करते हुए पानी का रुख उस ओर मोड़ दिया. हलांकि इस कवायद के चलते लोगों के घरों में पानी का बढऩा रुक गया. लेकिन हो रही बारिश को देखते हुए लोग यह आशंका जताने लगे कि यदि तालाब में पानी भरते हुए मेड़ के उक्त गड्ढे को पार कर गया तो उल्टा तालाब का पानी ही उनकी बस्ती को डुबोना शुरु कर देगा.
पंप लगाकर निकाला पानी
महात्मा गांधी मार्ग पर जलभराव की स्थिति ने वहां पर मौजूद अस्थायी बाजार को संकट में डाल दिया. बाजार के अंदर भरते पानी से दुकानदारों का काफी सामान भीग गया. जिसके चलते मौके पर पहुंचे ननि अमले द्वारा पंप लगाकर वहां का पानी बाहर निकाला जाने लगा. यह बात और है लगातार हो रही वर्षा के कारण निकाले जाने के बावजूद पानी की आवक कम होने का नाम नहीं ले रही थी. वहीं शहर के निचली बस्तियों के रहवासी इतने खुश किस्मत नहीं थे कि उन्हें ननि की मदद मिल पाती. लिहाजा वे अपने-अपने घर व दुकानों को बचाने के लिए बर्तनों के जरिए लगातार पानी बाहर निकालते नजर आए.
आधा दर्जन घर गिरे
लगातार हो रही वर्षा का सबसे अधिक दुखद पहलू शहर के वार्ड क्र. 4 में जेपी रोड मटेहना क्षेत्र में तब सामने आया जब वहां पर मौजूद आधा दर्जन लोगों के घर गिर गए. हलांकि किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन छत उजडऩे के साथ ही उनकी ग्रहस्थी तबाह हो गई. वहीं दूसरी ओर भरहुत नगर में भाजपा कार्यालय के निकट नाले को पार कर रहा एक युवक बाइक समेत बह गया. यह तो गनीमत रही कि आस पास मौजूद लोगों ने फौरन रस्सी फेंकते हुए उसे सहारा दिया और फिर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
