गोयल ने वाहन कल-पुर्जा उद्योग से विकसित देशों में विनिर्माण का विस्तार करने का आह्वान किया

नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने वाहनों के कल पुर्जे बनाने वाले उद्योग से स्थानीय व्यवसायों को वैश्विक व्यवसायों में बदलने, विकसित देशों में अपने विनिर्माण का विस्तार करने, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाने तथा मूल्य श्रृंखला में ऊपर की पायदानों पर स्थान बनाने का आह्वान किया है।

श्री गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों के साथ अपने एकीकरण को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यहां ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के 66वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए ऑटो कंपोनेंट उद्योग को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि भारत के वाहन कल पुर्जा उद्योग का अंतरराष्ट्रीय व्यापार लगभग 50 अरब अमेरिकी डॉलर का है, जिसमें आयात और निर्यात लगभग संतुलित है।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि किसी देश की आर्थिक प्रगति में आयात की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इस बात को आयात प्रोत्साहन के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने एकमा और उसके सदस्यों से आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय निवेश और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को काफी अधिक बढ़ाने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उद्योग को विभिन्न सहयोगों से लाभ मिला है और उसने भारत में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने की क्षमता स्थापित की है। उन्होंने उद्योग से अब दुनिया भर में अपने विनिर्माण का विस्तार करने और विकसित देशों में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित करने का आह्वान किया।

श्री गोयल ने भारत की बढ़ती बाजार पहुंच को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले चार से पांच वर्षों में नौ व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों में 38 विकसित देश शामिल हैं, जिनकी संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी) लगभग 60 लाख करोड़ डॉलर है। उन्होंने कहा कि इन व्यापार समझौतों में ऐसे समृद्ध देश शामिल हैं जिनकी जीडीपी और प्रति व्यक्ति जीडीपी दोनों ऊंचे हैं। इससे भारतीय उद्योग के लिए कम प्रतिस्पर्धा और अधिक पूरकता के अवसर पैदा होते हैं।

श्री गोयल ने भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए)से संबंधी वार्ताओं में एकमा की भूमिका को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार भारतीय ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र के लिए शून्य-शुल्क पर बाजार में प्रवेश की छूट की मांग करता रहा है और साथ ही भारतीय बाजार को भी पारस्परिक रूप से खोलने की बात करता रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग दुनिया के सर्वश्रेष्ठ उद्योगों का मुकाबला करने में सक्षम है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मजबूती के साथ साथ अनिश्चिताओं के बीच आगे बढ़ने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को विस्तृत करने पर केंद्रित अधिवेशन के मुख्य विषय- ” बियाेंड रेजिलेंस, मैनेजिंग अनसर्टेनिटी टू क्रियेट न्यू एवेन्यूज,डीपर सप्लाई चेन्स” का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि यह विषय आज की दुनिया में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहां अनिश्चितताओं, चुनौतियों और व्यापक बदलावों का दौर जारी है।

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