वॉशिंगटन, 02 सितंबर (वार्ता) ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी सेना पर लगातार बढ़ते दबाव और अंदरूनी उथल-पुथल के बाद पेंटागन एक गंभीर संस्थागत संकट का सामना कर रहा है। यह युद्ध अब अपने सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।
इसी कड़ी में सोमवार को सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के इस्तीफ़े के साथ ही उथल-पुथल और बढ़ गई। श्री ड्रिस्कॉल, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के करीबी दोस्त और येल लॉ में उनके साथ पढ़ने वाले सहपाठी थे। वह ट्रंप प्रशासन में एक अहम हस्ती बनकर उभरे थे और उन्हें कभी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता था।
श्री ड्रिस्कॉल रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी कुछ बेहद संवेदनशील कूटनीतिक गतिविधियों में भी शामिल थे, उन्होंने सैन्य नेतृत्व और आधुनिकीकरण के मुद्दों पर श्री हेगसेथ के साथ महीनों तक चले विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दिया। उनके इस्तीफे पहले श्री हेगसेथ ने आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जनरल रैंडी जॉर्ज को हटा दिया था जिससे एक सक्रिय युद्ध के दौरान सेना बिना सीनेट से मंज़ूरी प्राप्त नागरिक या वर्दीधारी नेतृत्व के रह गई थी।
रक्षा सचिव ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को सक्रिय रूप से हटा दिया या उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर किया; इनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन, नौसेना के शीर्ष एडमिरल और सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ शामिल हैं।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार, श्री हेगसेथ के कार्यकाल में दो दर्जन से ज़्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया गया और सिर्फ़ मरीन कॉर्प्स और स्पेस फ़ोर्स के प्रमुख ही अपने पदों पर बने रहे।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, श्री हेगसेथ ने इस साल पदोन्नति की सूची में से कम से कम 45 अधिकारियों के नाम खुद हटाए, जबकि एनबीसी न्यूज़ ने बताया कि उन्होंने हाल के हफ़्तों में और भी पदोन्नति रोके, जिनमें एक दर्जन से ज़्यादा अश्वेत, हिस्पैनिक और महिला अधिकारी शामिल थे।
नेतृत्व में ये बदलाव ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान युद्ध के कारण सेना की लंबे समय तक तैनाती बनाए रखने की क्षमता की लगातार परीक्षा हो रही है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार, यूरोप, प्रशांत क्षेत्र और लैटिन अमेरिका में अमेरिकी सेना की कमान संभालने वाले कमांडरों और नौसेना के शीर्ष अधिकारी ने इस संघर्ष के लिए तैनाती की अवधि बढ़ाने पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दबाव के कारण दूसरी जगहों पर खतरों का सामना करने की उनकी क्षमता कम हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नौसेना के विध्वंसक में से सिर्फ़ एक-चौथाई ही तैनाती के लिए तैयार थे जबकि अमेरिकी सेना पर बढ़ते दबाव के बीच प्रशांत क्षेत्र के लिए तैनात एकमात्र विमान वाहक पोत को पश्चिम एशिया भेज दिया गया था।
इस युद्ध ने हथियारों के स्टॉक पर भी दबाव डाला है; खबरों के अनुसार, इसमें अमेरिका के पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर के भंडार का 65 प्रतिशत इस्तेमाल हो चुका है। इससे नाटो और भविष्य में चीन के साथ संभावित संघर्ष के लिए ज़रूरी अतिरिक्त आपूर्ति की स्थिति गंभीर हो गई है।
पेंटागन ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि विभाग में अव्यवस्था है या उसे हथियारों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने ऐक्सियोस को बताया, “विभाग में अव्यवस्था की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है और यह संस्थान में काम करने वाले हर उस समर्पित पेशेवर और सैनिक का अपमान है जो हर दिन देश की रक्षा के लिए काम पर आते हैं।”
श्री पार्नेल ने वरिष्ठ जनरलों के मतभेदों को सामान्य बताया और श्री हेगसेथ की ऑर्डर बुक से गोपनीय आकलन को प्रकाशित करने को अपराध एवं सेना के साथ विश्वासघात कहा। हथियारों के स्टॉक के बारे में आई खबरों के जवाब में उन्होंने कहा कि कमी के दावे गलत हैं और अमेरिका के पास हथियारों का एक बड़ा और तैयार भंडार मौजूद है।
मीडिया के साथ सीमित बातचीत को लेकर पेंटागन की आलोचना भी हुई है। पांच मई के बाद से कोई औपचारिक मीडिया ब्रीफिंग नहीं हुई है जबकि श्री पार्नेल ने पहले वादा किया था कि ब्रीफिंग नियमित रूप से किया जाएगा जिसे उन्होंने “इतिहास का सबसे पारदर्शी रक्षा विभाग” बताया था।
वॉशिंगटन पोस्ट ने यह भी रिपोर्ट किया है कि पेंटागन ने चुपचाप मेगा अभियान से जुड़े कई सैन्य इन्फ्लुएंसरों को सिविलियन पदों पर नियुक्त किया जबकि वे सार्वजनिक रूप से श्री हेगसेथ का समर्थन करते रहे और उनके आलोचकों पर हमले करते रहे।
अमेरिकी सैन्य अख़बार ‘स्टार्स एंड स्ट्राइप्स’ के तीन वरिष्ठ कर्मचारियों ने पेंटागन पर केस दर्ज किया है। उनका आरोप है कि ईरान युद्ध के दौरान तैनात एक विमान वाहक पोत पर मौजूद हालात की आलोचना करने वाली रिपोर्टिंग के बदले में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था।
इतनी उथल-पुथल के बावजूद, श्री हेगसेथ को राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन प्राप्त है। श्री ट्रंप ने रक्षा सचिव का समर्थन जारी रखा है और कांग्रेस से रिकॉर्ड 15 खरब अमेरिकी डॉलर का रक्षा बजट देने को कहा है जिससे कड़े मतभेदों के बावजूद पेंटागन में श्री हेगसेथ की स्थिति और मजबूत हुई है।
