यमुनानगर, हरियाणा-हिमाचल सीमा पर स्थित हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में भारतीय सेना की ‘वन पैरा स्पेशल फोर्स’ द्वारा बाढ़ बचाव का अभ्यास किया जा रहा था। इसी दौरान एक मोटर बोट अनियंत्रित होकर डेंजर जोन में चली गई और तेज बहाव के कारण पलट गई, जिससे नाव में सवार पांच में से तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए।
पिछले 14 घंटों से युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना को 14 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर के रहने वाले दोनों लापता कमांडोज का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और यूपी पीएसी की संयुक्त टीमें रातभर से खोजबीन में जुटी हैं।
हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाश और पानी का तेज खिंचाव
प्रशासन के अनुसार बैराज के गेटों के पास पानी का खिंचाव अत्यधिक होने के कारण कमांडो के बहकर आगे जाने की आशंका जताई जा रही है। लापता जवानों की तलाश के लिए दो विशेष हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है और आसपास के जलक्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

