रीवा के गांधी मेमोरियल चिकित्सालय में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के 7 दिन बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अधीक्षक पद की जिम्मेदारी सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंक शर्मा को सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार की देर रात इसका आदेश जारी किया।
कल्पना मिश्रा से जुड़ा एक्सक्लूसिव वीडियो भी वायरल हुआ था इसमें गर्भवती मदद की गुहार लगाते हुए कहती सुनाई दे रही थी, “ये लोग मुझे मार डालेंगे।” वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में प्रसूता की स्थिति और उसे मिल रहे उपचार पर गंभीर सवाल उठे थे और दो महिला डॉक्टर के साथ दो नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था
मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
जीतू पटवारी ने अस्पताल अधीक्षक के बयान का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया था कि वे डिप्टी सीएम के करीबी हैं, इसलिए कार्रवाई से बचे हुए हैं। देर रात अधीक्षक को हटाने की कार्रवाई हुई
अब जांच रिपोर्ट का इन्तजार
कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में उपचार, डॉक्टरों की ड्यूटी, अस्पताल प्रशासन के रवैये और परिजनों से बातचीत को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।
मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति अस्पताल पहुंचकर दस्तावेज और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतका के परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की थी।
अब शासन ने डॉ. राहुल मिश्रा को अधीक्षक पद से हटा दिया है और डॉ. प्रियंक शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, अब नजर जांच रिपोर्ट पर है। देखना होगा कि उपचार के दौरान लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होती है या कार्रवाई अधीक्षक को हटाने तक सीमित रहती है।
परिजन बैठे आमरण अनशन पर
जच्चा बच्चा की मौत के बाद परिजन आक्रोशित थे और लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई हुई थी लेकिन अब परिजन आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिए सिरमौर चौराहे के पास स्थित तानसेन काम्प्लेक्स के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए है मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्र और परिजन अनशन पर सुबह बैठ गए है रिमझिम बारिश के बीच अनशन चल रहा है एक दिन पूर्व अनशन पर बैठने की जानकारी कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर दी गई थी
