
छिंदवाड़ा। धरमटेकड़ी में स्थित पीजी कॉलेज में मंगलवार को एनएसयूआई के 17 सूत्रीय मांगों को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शन के बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। सूचना पर सीएसपी अभिषेक चौधरी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसमें चार महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक महिला पुलिसकर्मी की तबीयत बिगडऩे पर उसे व्हीलचेयर की मदद से प्राचार्य कक्ष तक ले जाया गया। इसी बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने से विवाद और बढ़ गया। दोनों छात्र संगठनों के आमने-सामने आने पर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एनएसयूआईं जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज का घेराव करने पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए परिसर में बैरिकेडिंग की थी। छात्र आगे बढऩे का प्रयास करने लगे, जिस पर पुलिस से पहले बहस और बाद में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में भी बिगड़ा माहौल ००००००
हंगामे के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। यहां एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारियों से बहस हो गई। छात्रों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और भेदभाव का आरोप लगाया। माहौल बिगड़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने छात्रों को अनुशासन में रहने की नसीहत दी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल ००००००००
एनएसयूआईं पदाधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन की पूर्व सूचना प्रशासन को दी गई थी और अनुमति भी ली गई थी। इसके बावजूद दोनों छात्र संगठनों के आमने-सामने आने से स्थिति बिगड़ गई। घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि प्रदर्शन की जानकारी पहले से होने के बावजूद संभावित टकराव को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग ०००००
एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से जल्द कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा कॉलेज परिसर में कथित अवैध कब्जे और संगठनों की गतिविधियों पर रोक लगाने, परीक्षा एवं रिजल्ट से जुड़ी समस्याओं के निराकरण, समय पर छात्रवृत्ति और मार्कशीट उपलब्ध कराने की मांग की गई। विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग, प्लेसमेंट और हेल्प डेस्क शुरू करने की मांग भी 17 सूत्रीय मांगों में शामिल है।
