बारिश से कच्चे घर की दीवार गिरने से महिला घायल, भुईमाड़ से सीधी रेफर

सीधी। लगातार बारिश के बीच गरीब परिवारों के कच्चे आशियाने अब मौत का खतरा बनते जा रहे हैं। कुसमी ब्लॉक के भुईमाड़ क्षेत्र में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है और सूर्य देव के दर्शन तक नहीं हुए हैं। इसी बारिश के बीच मंगलवार दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच एक गरीब परिवार पर ऐसा कहर टूटा कि देखते ही देखते उनके सिर की छत ही संकट बन गई। कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी और उसके मलबे में 55 वर्षीय सुभागा पनिका पति भोला पनिका दब गईं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। वहीं उनका बेटा अनूज पनिका भी मलबे में दब गया।बताया गया कि हादसे के वक्त घर में भोला पनिका, उनकी पत्नी सुभागा पनिका और बेटा अनूज पनिका अलग-अलग चारपाई पर बैठे हुए थे। अचानक कच्ची दीवार भरभराकर गिरी और किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दीवार की चपेट में आने से मां और बेटा मलबे में दब गए। अचानक हुई इस घटना से घर में चीख-पुकार मच गई।

दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। महिला को गंभीर चोटें आने पर तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुईमाड़ ले जाया गया। वहां चिकित्सकीय टीम ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल सीधी रेफर कर दिया गया।

एक तरफ घायल मां, दूसरी तरफ असहाय बेटा-

बताया जा रहा है कि अनूज पनिका मानसिक रूप से अस्वस्थ है। ऐसे में हादसे ने परिवार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। परिवार में पति-पत्नी और उनका एक बेटा है तथा पहले से ही अत्यंत गरीबी में जीवन गुजर रहा है। जिस कच्चे मकान में परिवार किसी तरह अपना जीवन काट रहा था, बारिश ने उसकी दीवार को कमजोर कर दिया और मंगलवार को वही दीवार परिवार के लिए आफत बनकर टूट पड़ी।

इलाज की चिंता के साथ सिर पर छत का भी संकट-

हादसे के बाद परिवार के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक ओर घायल महिला के बेहतर इलाज की चिंता है, तो दूसरी ओर क्षतिग्रस्त कच्चे मकान में रहना भी किसी खतरे से खाली नहीं है। लगातार बारिश के बीच परिवार के सामने सुरक्षित छत का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, घायल महिला के उपचार में आर्थिक मदद करने तथा परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। बारिश के इस दौर में प्रशासन की संवेदनशील पहल ही इस गरीब परिवार को एक और बड़े हादसे से बचा सकती है।

Next Post

यूक्रेन में रूस के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत दुखद: भारतीय दूतावास

Tue Sep 1 , 2026
नयी दिल्ली 01 सितंबर (वार्ता) यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने रूस के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वह शोक-संतप्त परिवार के संपर्क में है और उनकी हर संभव मदद की जा रही है। दूतावास ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर […]

You May Like

मनोरंजन