ओंकारेश्वर। नगर पंचायत की कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा रोजाना एकत्रित किए गए कचरे को डंपिंग ग्राउंड पर खुले में जला दिया जाता है। कचरा जलने से निकलने वाले धुएं के कारण आसपास के रहवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और खांसी जैसी शिकायतें हो रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाजसेवी प्रदीप ठाकुर ने मामले को लेकर कलेक्टर खंडवा से मौके की जांच कराने, खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने और कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान की व्यवस्था कराने की मांग की है। आरोप है कि खुले में कचरा जलाने की प्रक्रिया एनजीटी के निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों के विपरीत है।
