मुंबई, 24 फरवरी (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर लगाए गए प्रतिबंधों में आंशिक राहत देते हुए प्रत्येक जमाकर्ता को 27 फरवरी से 25 हजार रुपये तक की निकासी की अनुमति दी है।
आरबीआई ने सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा कि यह निर्णय बैंक के खाताधारकों को जरूरी वित्तीय राहत प्रदान करेगा। आरबीआई ने पहले बैंक पर सभी समावेशी निर्देश (एआईडी) लागू किए थे, जिससे जमाकर्ताओं को अपने खातों से राशि निकालने की अनुमति नहीं थी। इसके बाद 14 फरवरी, 2025 को बैंक के बोर्ड को भंग कर प्रशासक और सलाहकारों की एक समिति (सीओए) नियुक्त की गई थी।
प्रशासक द्वारा बैंक की तरलता स्थिति की समीक्षा के बाद आरबीआई ने यह निर्णय लिया कि 27 फरवरी, 2025 से प्रत्येक जमाकर्ता 25,000 रुपये तक की निकासी कर सकेगा। इस छूट से 50 प्रतिशत से अधिक जमाकर्ता अपनी पूरी शेष राशि निकाल पाएंगे जबकि अन्य 25 हजार रुपये रुपये तक की निकासी कर सकेंगे।
जमाकर्ता निकासी के लिए बैंक की शाखाओं के साथ-साथ एटीएम का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, निकासी की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये या खाते में उपलब्ध शेष राशि (जो भी कम हो) तक ही सीमित रहेगी।
इसके अलावा आरबीआई ने प्रशासक के सलाहकारों की समिति (सीओए) का पुनर्गठन भी किया है, जो 25 फरवरी, 2025 से प्रभावी होगा। नए सदस्यों में भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व महाप्रबंधक रवींद्र सपरा, सारस्वत सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व डिप्टी सीजीएम रवींद्र तुकाराम चव्हाण और चार्टर्ड अकाउंटेंट आनंद एम. गोलास शामिल हैं।
प्रशासक (श्री श्रीकांत) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई ने आश्वासन दिया है कि वह बैंक की स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखेगा और जमाकर्ताओं के हित में आवश्यक कदम उठाएगा।
