
रीवा, बीहर नदी के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किए गए अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध नगर निगम रीवा द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई. निगम आयुक्त अक्षत जैन के निर्देशानुसार नगर निगम की टीम ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से जोन 01 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 05, ढेकहा हमीदिया कॉलोनी के आगे स्थित ‘बद्रिका फार्म हाउस’ में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. नदी के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बिना भवन अनुज्ञा के किए गए निर्माण को लेकर नगर निगम द्वारा संबंधितों को पूर्व में नियमानुसार नोटिस जारी कर स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाए जाने पर मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुई.
उल्लेखनीय है कि विगत समय में किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि सुनील कुमार सिंह आत्मज बद्री सिंह द्वारा बीहर नदी के किनारे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बिना भवन अनुज्ञा के भूतल एवं प्रथम तल का निर्माण तथा शेड निर्माण कराया गया था. इसी स्थल पर श्रीमती सरिता सिंह उर्फ नीलम सिंह पत्नी दिलीप सिंह द्वारा भी बिना स्वीकृति के स्विमिंग पूल का निर्माण कराया जाना पाया गया. उक्त समस्त निर्माण मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के विपरीत एवं नदी के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में होने से पूर्णत: अनाधिकृत श्रेणी में आते हैं.
नगर निगम प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पूर्व संबंधितों को नियमानुसार पूरा अवसर एवं पर्याप्त समय प्रदान किया गय. 17 जुलाई 2026 को म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 307 के अंतर्गत सूचना पत्र क्रमांक 193 एवं 194 जारी कर संबंधितों को 07 दिवस के भीतर अपना पक्ष, स्पष्टीकरण तथा संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था. किन्तु निर्धारित अवधि में न तो अवैध निर्माण हटाया गया और न ही कोई जवाब प्रस्तुत किया गया.
इसके उपरांत दिनांक 27 अगस्त 2026 को धारा 307(2) के अंतर्गत अंतिम सूचना पत्र क्रमांक 361 एवं 362 जारी कर संबंधितों को 03 दिवस के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाकर अधोहस्ताक्षरकर्ता को सूचित करने हेतु निर्देशित किया गया. सूचना पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्माण न हटाए जाने की स्थिति में निगम द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी तथा उसमें लगने वाले समस्त हर्जा-खर्चे की वसूली संबंधित से की जाएगी, जिसकी जवाबदारी उनकी स्वयं की होगी. इस प्रकार संबंधितों को सूचना पत्र जारी होने से कार्रवाई तक पर्याप्त समय दिया गया. इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया, फलस्वरूप निगम को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी.
कार्रवाई के दौरान कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह, नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला, राजीव शुक्ला, सहायक यंत्री राजेश मिश्रा, सिविल लाइन थाना प्रभारी जेबी सिंह, उपयंत्री श्यामसुंदर मिश्रा, हरेराम मिश्रा, सुनील मिश्रा, अतिक्रमण प्रभारी राजेश चतुर्वेदी, सुखेंद्र चतुर्वेदी, रावेन्द्र शुक्ला सहित नगर निगम का अतिक्रमण दल एवं पुलिस टीम मौजूद रही. शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल भी तैनात रहा.
