
मोहम्मद रिज़वान, इमाम-उल-हक़, सलमान अली आग़ा, अली उस्मान, आमेर जमाल, अवैस जफ़र और ख़ुर्रम शहजाद को बीच दौरे से टीम से बाहर कर दिया गया है। वहीं पांच ऐसे खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है, जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नहीं किया है। इसमें अराफ़ात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रज़ाउल्लाह शामिल हैं। इनके अलावा सईम अयूब और अब्दुल्लाह फ़ज़ल भी टीम से जुड़ेंगे। सीमित ओवर टीम के मुख्य कोच माइक हेसन और गेंदबाज़ी कोच एश्ले नॉफ़्के को अब टेस्ट टीम की भी ज़िम्मेदारी दी गई है।
2017 में पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट कप्तान के रूप में संन्यास लेने के बाद से मिस्बाह पीसीबी में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। 2019 में उन्हें मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता की दोहरी ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने अक्टूबर 2020 तक दोनों पदों पर काम किया। इसके बाद उन्होंने मुख्य चयनकर्ता के पद से इस्तीफ़ा देकर पूरी तरह मुख्य कोच की ज़िम्मेदारी पर ध्यान देने का फ़ैसला किया। लेकिन अगले साल उन्होंने मुख्य कोच के पद से भी इस्तीफ़ा दे दिया।
दो साल बाद उन्हें पीसीबी में फिर से सलाहकार के तौर पर शामिल किया और इसके बाद से वह पीसीबी के साथ लगातार जुड़े रहे हैं। 2024 में मौजूदा प्रबंधन के कार्यभार संभालने के बाद उन्हें अब बंद हो चुके पुरुष चैंपियंस कप के पांच मेंटॉर्स में शामिल किया गया था। उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में महिला टीमों को भी मेंटॉर किया है। पिछले महीने मुल्तान में शाहीन अफ़रीदी की कप्तानी में 50 ओवर का नेशनल चैंपियंस कप जीतने वाली पाकिस्तान गोल्ड टीम के वह मुख्य कोच थे। इस साल मार्च में मिस्बाह को चार सदस्यीय चयन समिति में शामिल किया गया था। इस समिति में आक़िब जावेद, सरफराज़ अहमद और असद शफ़ीक भी शामिल हैं। इसके अलावा पीसीबी के साथ उनका साल में 180 दिन के अनुबंध पर बल्लेबाज़ी सलाहकार के तौर पर भी काम करने का कॉन्ट्रैक्ट था।
