जबलपुर: अधारताल तिराहा स्थित गोल्डन ब्रायलर चिकन सेंटर में मृत मुर्गों की सप्लाई का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सोमवार को एक पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा तो दूसरा पक्ष अधारताल थाने पहुंचा। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। उधर प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
सोमवार को पोल्ट्री संगठन के पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे उन्होंने शिकायत में बताया कि गोल्डन ब्रॉयलर में 28 अगस्त की शाम को तत्वों ने घुस कर तोड़ फोड़ की, दबंगई दिखाते हुए दुकान बंद करवा दी, और भ्रामक वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस कृत्य से पूरे प्रदेश में पोल्ट्री व्यवसाय को धक्का लगा है। घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी इन तत्वों द्वारा की गई। पोल्ट्री संगठन के सदस्यों ने आधारताल थाने में उपस्थित होकर संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष सत्यता के साक्ष्य दिए गए।
सोमवार को पोल्ट्री संगठन के पदाधिकारियों ने और सदस्यों ने एस पी ऑफिस में, अति. पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा को डॉक्टर एस. एस. मिश्रा के नेतृत्व में शिकायत दी। उधर हिन्दू धर्म, सेना ने अधारताल थाने पहुंचकर शिकायत की। मुकेश रजक निवासी कटरा निवासी का कहना रहा कि मुर्गे से लदा ट्रक से गोल्डन ब्रायलर मालिक द्वारा उतार कर दुकान के अंदर रखकर उन्हें बेचा जा रहा था। लाइसेंस तत्काल रद्द करने की मांग की। अधारताल एसडीएम पंकज मिश्रा का कहना है कि प्रशासनिक जांच में गड़बड़ी नहीं पाई गई। मुर्गे वाहन में लोड होकर आए थे जिनकी मौत हो गई थी। जांच में मृत मुर्गोंं को बेचने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। सेंटर से कुछ नमूने भी जांच के लिए जुटाए गए थे जिनकी वेटनरी में जांच हुई लेकिन कहीं कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है ।
