काठमांडू, 31 अगस्त (वार्ता) नेपाल पुलिस ने रसुवा में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद मिले शवों और मानव अंगों की पहचान के लिए डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू की है। इस जांच के जरिये लापता नेपाली और विदेशी नागरिकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
नेपाल पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों से डीएनए जांच के लिए सहयोग करने की अपील की है। नेपाल में रहने वाले लापता व्यक्ति के पिता, माता, पुत्र या पुत्री में से किसी एक निकटतम रक्त संबंधी से ताजा रक्त का नमूना उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पुलिस के अनुसार, परिजन काठमांडू के महाराजगंज स्थित नेपाल पुलिस अस्पताल की रोग-विज्ञान प्रयोगशाला अथवा अपने निकटतम जिला पुलिस कार्यालय में रक्त का नमूना जमा करा सकते हैं। इसके साथ पासपोर्ट आकार की दो तस्वीरें भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नेपाल से बाहर रहने वाले लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के रक्त संबंधियों से अपने निवास वाले देश में अधिकृत प्रयोगशाला में डीएनए जांच कराने और जांच से प्राप्त डीएनए विवरण नेपाल पुलिस को भेजने का अनुरोध किया गया है।
पुलिस ने कहा है कि पहचान प्रक्रिया में लापता व्यक्ति का पूरा नाम और राष्ट्रीयता, पासपोर्ट या पहचान संबंधी विवरण, लापता होने की तारीख और स्थान, अधिकृत प्रयोगशाला की डीएनए जांच रिपोर्ट तथा डीएनए नमूना देने वाले व्यक्ति और लापता व्यक्ति के बीच संबंध की जानकारी आवश्यक होगी।
नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवा में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आयी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचायी थी। बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। कई शवों और मानव अंगों की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से पहचान की प्रक्रिया तेज की है।
नेपाल पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों से जल्द से जल्द नमूने उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि बरामद शवों और मानव अंगों के डीएनए से मिलान कर उनकी पहचान की जा सके। पुलिस ने इस संबंध में संपर्क के लिए पुलिस निरीक्षक शम्भु बहादुर केसी का दूरभाष नंबर ( 977-9841616095) भी जारी किया है।
