
सीहोर। शहर के गांधी रोड़-चंद्रशेखर आजाद मार्ग पर बीती देर रात करीब तीन बजे अचानक आग की लपटें उठीं. आसपास के लोग जब गहरी नींद में थे, तभी धुएं के गुबार और चटकती आवाजों ने सबको जगा दिया. राहगीर ने जब दुकान से उठता धुआं देखा तो उसने शोर मचाया. देखते ही देखते पूरा क्षेत्र दहशत से भर गया.
आगजनी की घटना को देख लोग अपने घरों से बाल्टी और बर्तन लेकर बाहर दौड़े और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी. लेकिन आग इतनी तेज थी कि दुकान की लोहे की शटरें तक लाल हो गई और धुआं आसमान तक छा गया. यह देख आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. उन्होंने तुरंत आसपास की दुकानों की बिजली सप्लाई काट दी ताकि आग फैलने से रोकी जा सके. साथ ही फायर ब्रिगेड को खबर दी गई. फायर टीम ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया. अगर कुछ मिनटों की भी देरी होती, तो यह आग पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले लेती. आगजनी में तीन दुकानें जलना बताया जा रहा है. लोगों की सूझबूझ और हिम्मत ने आज शहर के मुख्य बाजार को जलने से बचा लिया.
कपड़ों की दुकान के मालिक नूर मंसूरी और मो. सलमान ने कहा कि यह हादसा पास में लगी बिजली विभाग की डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट डीपी से हुआ है. उनका कहना था कि जब यह डीपी लगाई जा रही थी, तब ही उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि इतनी भीड़भाड़ और कपड़ों की दुकानों वाले क्षेत्र में इसे न लगाया जाए. लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी. नूर मंसूरी ने कहा कि हमने बार-बार चेताया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. आज हमारी वर्षों की मेहनत जलकर राख हो गई.
आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखे सभी कपड़े, रैक, काउंटर, मशीनें और रिकॉर्ड बुक तक सब जलकर खाक हो गए. शुरुआती अनुमान के अनुसार, करीब 10 से 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है. जो दुकान कभी इस बाजार की पहचान थी, आज वहां सिर्फ राख और जले कपड़ों की बदबू बची है. सुबह जब सूरज निकला तो लोग वहां खड़े होकर उस दुकान को देख रहे थे, जिसमें कभी रंग-बिरंगे कपड़े और ग्राहकों की चहल-पहल हुआ करती थी. अब सिर्फ राख और टूटे सपनों का ढेर है.
प्रशासन और बिजली विभाग ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही नगर परिषद, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने आग लगने के संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी है. फायर ब्रिगेड ने प्रारंभिक रिपोर्ट में डीपी से शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई है. अधिकारियों ने कहा कि यदि आग का कारण डीपी पाई गई, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने नुकसान का आंकलन करने और पीडि़तों की सहायता के लिए टीम गठित की है.
बाजार में पसरा सन्नाटा, लोगों में आक्रोश
शनिवार सुबह जब लोग बाजार पहुंचे, तो चारों ओर राख और जलन की गंध फैली हुई थी. कई दुकानदारों की आंखें नम थीं. स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर फायर ब्रिगेड थोड़ी देर और करती, तो पूरा बाजार जल जाता. दुकानदारों ने बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई. लोगों का कहना है कि हमने पहले ही विद्युत विभाग को कहा था कि यह डीपी खतरा है, पर हमारी बात किसी ने नहीं सुनी.
