
जबलपुर। पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए अपनों के द्वारा ही दो बुजुर्ग बहनों के सीधेपन का फायदा उठाकर उनके ही भांजे और अन्य दो बहनों ने मिलकर साजिश रच डाली। पीड़ितों की बिना जानकारी के उनके अंगूठे का निशान ले लिया गया और कोर्ट में भाई के खिलाफ जमीन की हिस्सेदारी का केस ठोक दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग महिलाओं के घर कोर्ट का नोटिस पहुंचा। ठगी की शिकार पीड़ित बहनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता वीरा बाई 81 वर्ष, निवासी ग्राम कन्हवारा, कुण्डम और उनकी छोटी बहन तीरा बाई कुंजाम 65 वर्ष, निवासी हृदली कलां ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। बुजुर्ग महिलाओं का आरोप है कि उनकी ही सगी बहनों कौशल्या बाई व सीता बाई परस्ते और उनकी बहन के बेटे स्वरूप बरकड़े ने मिलकर उनके साथ यह विश्वासघात किया है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उनके माता-पिता के जीवित रहते ही परिवार की पूरी संपत्ति का बंटवारा नियम अनुसार हो चुका था। पारिवारिक सहमति के तहत बची हुई पैतृक जमीन भाई के हिस्से में आई थी और बहनों को उनके हिस्से के आभूषण प्रदान किए गए थे। दोनों बहनें इस व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट थीं और उनका अपने भाई के साथ किसी भी प्रकार का कोई मनमुटाव या विवाद नहीं है। स्वरूप बरकड़े, कौशल्या बाई और सीता बाई की नियत भाई के हिस्से की संपत्ति पर खराब हो गई। उन्होंने संपत्ति पर दावा ठोकने के लिए दोनों बुजुर्ग महिलाओं को झांसे में लिया और बिना सच बताए धोखे से उनके अंगूठे के निशान ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने चालाकी से उन्हीं अंगूठों के निशानों का उपयोग कर न्यायालय में एक केस दायर कर दिया, जिसमें खुद पीड़ितों को ही वादी बना दिया गया। कुछ दिन पहले जब कोर्ट का नोटिस पीड़ितों के घर तामील हुआ, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों बुजुर्ग महिलाएं कभी कोर्ट की दहलीज तक नहीं गई थीं, ऐसे में उनके नाम से दर्ज केस ने जालसाजी का पर्दाफाश कर दिया। आज पीड़ित बहनें एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने षड्यंत्र की जांच, गुमराह करने वाले भांजे स्वरूप बरकड़े और दोनों बहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
