
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से पलकौंहा निवासी गब्बर आदिवासी के परिवार की जिंदगी बदलने की उम्मीद जगी है। गब्बर ने बताया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां कच्चे मिट्टी के घर में रहकर गुजर गईं। परिवार के पास न खेती की जमीन थी और न ही पक्का मकान। अब परियोजना से मिले मुआवजे की राशि से उनका पक्के घर का सपना पूरा होने जा रहा है।
परिवार के पांच सदस्यों गब्बर आदिवासी, उनकी मां फुलिया आदिवासी, पत्नी स्वर्गीय मलखान आदिवासी तथा भाई राजू, पप्पू और राजकुमार आदिवासी को पुनर्वास पैकेज के तहत प्रति सदस्य 12.50 लाख रुपए मिले हैं। इस तरह परिवार को कुल 62 लाख 50 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है।
इसके अलावा मकान के लिए परिवार को 5 लाख 26 हजार 608 रुपए मिले हैं। इस तरह परिवार को कुल 67 लाख 76 हजार 608 रुपए की राशि प्राप्त हुई। गब्बर ने बताया कि मुआवजे से ग्राम पीरा में प्लॉट खरीद लिया है और अब पक्का मकान बनाने की तैयारी है। वह खेती के लिए जमीन खरीदने की भी योजना बना रहे हैं। उनके मुताबिक, मुआवजे ने परिवार को बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है।
