बुधनी। रक्षाबंधन पर जहां ट्रेनों और बसों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं बुधनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म का अंधेरा यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है. रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यात्रियों को ट्रेन पकडऩे से लेकर प्लेटफॉर्म पर आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि रेलवे प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है क्या.
यात्रियों के सामने वैसे ही सीमित रेल सुविधाएं हैं. पंचवेली एक्सप्रेस और पठानकोट एक्सप्रेस जैसी गिनी-चुनी ट्रेनों के भरोसे यात्रियों को सफर करना पड़ता है. अन्य प्रमुख शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भोपाल और नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन का रुख करना पड़ता है. त्योहार के दिनों में जब यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, तब स्टेशन की व्यवस्थाएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं, लेकिन यहां हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं. प्लेटफॉर्म पर अंधेरा होने के कारण ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय यात्रियों के पैर फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है. बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग यात्री सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं. रात में अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी, छीना-झपटी जैसी वारदातों की आशंका भी बनी रहती है. लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर तत्काल पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराई जाए. अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है.
