मुंबई, 29 अगस्त (वार्ता) निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) शशिधर जगदीशन ने पद छोड़ने का फैसला किया है और निदेशक मंडल को पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करने के अपने फैसले के बारे में सूचित किया है।
श्री जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल इस साल 26 अक्टूबर को पूरा हो रहा है। बैंक ने शेयर बाजार को बताया, “आज आयोजित बैठक में निदेशक मंडल ने श्री शशिधर जगदीशन द्वारा पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करने संबंधी सूचना का संज्ञान लिया। उन्हें पुनर्नियुक्ति के लिए मनाने के प्रयासों के बावजूद श्री जगदीशन ने अपने निर्णय को दोहराया कि वह पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। अतः वह 26 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ बैंक की सेवाओं से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।”
निदेशक मंडल ने बैंक के प्रति उनके समर्पण, नेतृत्व, बैंक के विकास एवं स्थिरता में उनके योगदान तथा कॉरपोरेट भारत में हुए सबसे बड़े विलयों में से एक के सफलतापूर्वक पूर्ण होने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
निदेशक मंडल ने उनके उत्तराधिकारी के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है, ताकि यह प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरी की जा सके। भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं केंद्र सरकार में वित्त सचिव रहे राजीव कुमार को एचडीएफसी बैंक ने अपना चेयरमैन नियुक्त किया है।
एचडीएफसी बैंक में छह महीने के भीतर शीर्ष स्तर पर यह दूसरा बड़ा फेरबदल है। इससे पहले, तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था कि पिछले दो साल में उन्होंने कुछ ऐसी गतिविधियां देखीं जो उनके निजी नैतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने कहा था कि यही उनके इस्तीफे का कारण है।
बैंक ने केकी मिस्त्री को अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया था। बाद में, 30 जून को भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं केंद्र सरकार में वित्त सचिव रहे राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त किया गया। उन्हें चार साल के लिए यह जिम्मेदारी दी गयी है।
