नयी दिल्ली 29 अगस्त (वार्ता) नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक के. लाहिड़ी ने सियाचिन बेस कैंप के दौरे पर उत्तरी ग्लेशियर का हवाई निरीक्षण किया और अत्यंत कठिन भूभाग तथा विषम परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जहां भारतीय सेना के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।
नीति आयोग ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में जानकारी दी कि डॉ. लाहिड़ी के साथ एक टीम भी थी। सियाचिन ब्रिगेड के कमांडर ने उन्हें ऊंचाई वाले ग्लेशियर क्षेत्र में तैनात सैनिकों के सामने आने वाली परिचालन परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी दी।
डॉ. लाहिड़ी ने रॉकक्राफ्ट ट्रेनिंग स्कूल का भी दौरा किया और सियाचिन युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस क्षेत्र में सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने फायर एंड फ्यूरी कोर के मुख्यालय का दौरा किया, जहां कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने उन्हें लद्दाख के विभिन्न परिचालन और विकासात्मक पहलुओं की जानकारी दी।
उन्हें सैन्य आधुनिकीकरण, रसद, बुनियादी ढांचे का विकास, कनेक्टिविटी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में सामाजिक पहुंच की पहल जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बारे में बताया गया।
इस दौरे से लद्दाख के कठिन भूभाग और अत्यधिक जलवायु परिस्थितियों से उत्पन्न विशिष्ट परिचालन चुनौतियों को समझने का अवसर मिला। साथ ही, इस क्षेत्र की बुनियादी ढांचे और विकास संबंधी आवश्यकताओं को भी रेखांकित किया गया।
नीति आयोग ने कहा कि इस दौरे ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्रों में से एक में देश की सीमाओं की सुरक्षा में भारतीय सेना के साहस, बलिदान और दृढ़ता को रेखांकित किया।
