ब्यावरा: शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे ब्यावरा के भोपाल बायपास ब्रिज पर हुए भीषण बस हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। कानपुर से इंदौर जा रही तेज रफ्तार बस ब्रिज के कर्व पर अचानक अनियंत्रित हुई और दीवार से टकराकर नीचे जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए।बस की ऊपरी स्लीपर सीटों पर बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टक्कर में खिड़कियां टूट गईं और कई यात्री बस से बाहर जा गिरे। कुछ यात्री ब्रिज पर गिरे तो कुछ नीचे जा गिरे। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
आरोपी की तलाश में निकली टीम खुद हादसे का शिकार
बस में बेंगलुरु साइबर सेल की टीम भी सवार थी। टीम आरोपी की तलाश में इंदौर जा रही थी। हादसे में साइबर इंस्पेक्टर रवि केबी पिता बसप्पा, निवासी बेंगलुरु की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं टीम के श्रीनिवास पिता वेंकट गिरि, विश्वनाथ पिता मोहन और रमेश पिता पंडप्पा घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार, लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू
बस के ब्रिज से नीचे गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। चारों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
एसपी बोले- प्रथम दृष्टया ओवरस्पीड से हादसा
एसपी अमित तोलानी ने सिविल अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली।
एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बस की तेज रफ्तार हादसे की वजह लग रही है। ब्रिज पर कर्व होने के कारण बस अनियंत्रित हुई और दीवार से टकराकर नीचे जा गिरी। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
राज्यमंत्री पंवार बोले- NHAI से करेंगे बात
हादसे की सूचना मिलने पर राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री ने कहा कि ब्रिज पर कर्व को देखते हुए यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। NHAI से बात कर संकेतक और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पल में इंदौर पहुंचने का सफर मातम में बदल गया और चार परिवारों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया
