इंदौर: संयोगितागंज थाना क्षेत्र के पारसी मोहल्ले में हुई करीब 25 लाख रुपए की नकबजनी का पुलिस ने खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वारदात उस समय हुई, जब मकान मालिक परिवार के साथ औरंगाबाद घूमने गया था. आरोपियों ने सूना घर देखकर ताला तोड़ा और लॉकर में रखे सोने चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे. पुलिस ने दोनों के कब्जे से 100 ग्राम सोना और ढाई किलो चांदी के जेवर बरामद किए हैं.
पारसी मोहल्ला छावनी में रहने वाले शंकर सैनी शुक्रवार 7 अगस्त की रात करीब 9 बजे घर में ताला लगाकर परिवार के साथ औरंगाबाद गए थे. 10 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे वापस लौटे तो मकान के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला. अंदर जाकर देखा तो लॉकर में रखे सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान गायब था. शंकर सैनी की शिकायत पर संयोगितागंज पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने वारदात के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाए. संदिग्धों की जानकारी के लिए मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया. जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में सुराग मिला.
मुखबिर की सूचना पर दबोचा आरोपियों को
बुधवार 26 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि नकबजनी की वारदात में शामिल दोनों संदिग्ध प्रभु तौल कांटे के पास पालदा में खड़े हैं. सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो युवकों को पकड़ा. पूछताछ में उनकी पहचान रोहित उर्फ झुला पिता रमेश जायसवाल उम्र 24 साल, निवासी देव गुराडç¸या और चंदन पिता गणेश अबोले उम्र 22 साल, निवासी प्रोफेसर कॉलोनी के रूप में हुई. पूछताछ में दोनों ने सैनी के घर में चोरी करना स्वीकार किया. आरोपियों की निशानदेही पर नेमावर रोड स्थित उद्योग नगर और प्रोफेसर कॉलोनी से चोरी किए गए जेवर बरामद किए. बरामद माल में करीब 100 ग्राम सोने और ढाई किलो चांदी के आभूषण हैं, जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई गई है.
दोनों आरोपियों का पूर्व का आपराधिक रिकार्ड आया सामने
मामले में संयोगितागंज थाना प्रभारी केपीएस यादव ने नव भारत को बताया कि दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड है. पुलिस अब उनसे शहर में हुई अन्य नकबजनी और चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है. आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है. पूछताछ में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी के माल को ठिकाने लगाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं
