जबलपुर: महाराष्ट्र के जालसाजों ने सुनियोजित तरीके से पहले जबलपुर के थोक व्यापारी का भरोसा जीता इसके बाद विश्वासघात करते हुए तीन ट्रकों में मटर, लहसुन करीब 14 लाख 32 हजार का ले गए और माल की रकम नहीं चुकाई। अब पीडि़त ने विजय नगर थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है।पुलिस के मुताबिक मोह. एजाज 57 वर्ष निवासी इनकम टैक्स चौक ओमती की उपज मण्डी विजयनगर जबलपुर में राजेश कुमार एजाज भाई नाम से दुकान है जिसमें वह आलू, प्याज, लहसुन, हरा मटर आदि का थोक विक्रय करता है।
नवम्बर 2025 में मालेगाँव महाराष्ट्र के रहने वाले आरिफ शेख, और शरीफ शेख जबलपुर आए और लगभग 1 सप्ताह जबलपुर में रूके और उसकी दुकान से लहसुन और मटर खरीदकर ले गए जिसका भुगतान उन्होनें उसी समय नगद पैसे देकर दिया था और कहा कि हम हर महीने आपकी दुकान से थोक में माल खरीदकर मालेगाँव ले जाएंगे। 24 नवम्बर 25 को आरिफ शेख, और शरीफ शेख फिर से दुकान पर आए और थोक में हरा मटर और लहसुन खरीदने की बात कही और कहा कि इस माल का पैसा हम आपको अभी नहीं दे पायेंगे क्योंकि हमारे खाते से पैसा आनलाइन ट्रांसफर नहीं हो रहा है और हमारा एटीएम भी काम नहीं कर रहा है तो हम मालेगाँव माल पहुँचने के बाद आपके खाते में माल का पूरा पैसा डलवा देगें चूँकि इसके पहले भी दोनों उसकी दुकान से लहसुन और हरा मटर खरीदकर ले गए थे और समय पर उसका नगद भुगतान कर दिया था और दोनों ने इस बात का भी विश्वास दिलाया था कि वह मेरी दुकान से हर माह थोक में माल लेकर जाएंगे इसलिए उसने दोनों की बातों पर भरोसा करके थोक में हरा मटर और लहसुन देने रची हो गया।
24 नवम्बर 25 को दोनों उसकी दुकान से 3600 किलोग्राम हरा मटर 32,4450 रूपए का था लेकर अपने ट्रक क्रमांक एमएच 30 बीडी 7577 में लोड किया और 3500 किलोग्राम लहसुन 525700 रूपए का अपने ट्रक क्रमांक एमएच 30 बीडी 5594 में लोड करके मालेगाँव महाराष्ट्र ले गए इसी प्रकार 26 नवम्बर 25 को 9000 किलोग्राम हरा मटर जो कि 541500 रूपए का ट्रक क्रमांक एचबी 20 जीसी 9387 में लोड करके मालेगाँव महाराष्ट्र ले गए। जब दो दिन बाद अपने भेजे गए माल के 14,32,150 रूपए डालने के लिए आरिफ शेख और शरीफ शेख के मोबाइल नम्बरों पर कॉल करके बोला तो दोनो पैसे देने के लिए टालामटोली करने लगे।इसके बाद कॉल उठाना भी बन्द कर दिये, आरिफ शेख, और शरीफ शेख ने पहले उसकी दुकान से माल खरीदकर तुरन्त भुगतान कर दिया और हर माह इसी तरह लाखों रुपयों का माल खरीदने का विश्वास दिलाकर भरोसा जीता ताकि जब अगली बार उसकी दुकान से तुरन्त पैसा ना देकर भी माल खरीदे तो वह उन्हे मना ना करे। इस तरह आरिफ शेख और शरीफ शेख ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर उसकी दुकान से 14, 32,150 रूपए का माल खरीदा और भाग गये।
