
ग्वालियर। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत मुरार नदी के सौंदर्यकरण और जीर्णोद्धार की योजना प्रशासनिक उपेक्षा के कारण दम तोड़ती नजर आ रही थी। कभी ग्वालियर के एक बड़े हिस्से की जीवनदायिनी रही मुरार नदी धीरे-धीरे कचरे के गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी। आसपास के लोग लगातार इसमें कूड़ा-कचरा फेंक रहे थे, जिसे लेकर ‘नवभारत’ ने प्रमुखता और जवाबदेही के साथ सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। अब उन खबरों का बड़ा असर देखने को मिला है। नगर निगम ग्वालियर ने नदी के संरक्षण के लिए धरातल पर काम शुरू कर दिया है।
*करीब 1.5 किमी लंबी रोड का निर्माण शुरू*
नगर निगम द्वारा मुरार नदी रपट से लेकर नदी पार टाल तक नई सीसी रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। संबंधित ठेकेदार के अनुसार, यह सड़क 3 मीटर चौड़ी और लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी है, जिसकी स्वीकृति रपट से नदी पार टाल तक मिली है। रोड बनने से क्षेत्र के आवागमन में सुधार होगा।
*नदी में कचरा फेंकने पर लगेगी लगाम*
नदी को दोबारा दूषित होने से बचाने के लिए किनारे-किनारे लोहे के मजबूत एंगल खड़े कर उन पर जाली लगाने का काम किया जा रहा है। इस जाली के लगने से स्थानीय लोग नदी में कचरा और प्लास्टिक नहीं फेंक सकेंगे, जिससे नदी को स्वच्छ और सुंदर रूप देने में मदद मिलेगी।
