नई दिल्ली। चीनी के बाद अब दाल, चावल और खाने के तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 25 अगस्त को देश में चावल का औसत खुदरा भाव करीब 45.75 रुपये किलो और अरहर दाल 123 रुपये किलो से ज्यादा रहा।
आखिर दाम बढ़ क्यों रहे हैं? कमजोर मानसून, फसलों पर मौसम का असर और सप्लाई में उतार-चढ़ाव इसकी बड़ी वजह हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाद्य तेल और दालों के लिए आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की कीमतों का असर भी सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है।
RBI ने भी खाद्य और ईंधन की कीमतों से महंगाई के दोबारा बढ़ने का जोखिम जताया है।
यानी आने वाले त्योहारी सीजन में अगर सप्लाई नहीं सुधरी, तो रसोई का खर्च और बढ़ सकता है।
