
गुना। शहर में जनसमस्याओं के समाधान का दावा करने वाले विभागों के कर्मचारियों का एक बेहद असंवेदनशील और दबंगई भरा चेहरा सामने आया है। नगर पालिका की लचर सफाई व्यवस्था से परेशान एक नागरिक द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराना इतना नागवार गुजरा कि नगर पालिका के कर्मचारियों ने उसके घर पहुंचकर खुलेआम धमकाया। आरोप है कि शिकायत वापस न लेने पर घर के आगे डंपर भर कचरा और मरे हुए जानवर फिंकवाने की धमकी दी गई है। इस मामले का वीडियो भी पीड़ित द्वारा जारी किया गया है।
शहर की भार्गव कॉलोनी निवासी विशाल भार्गव के मुताबिक, उनके घर के पास खाली मैदान में पिछले तीन साल से गंदगी और कचरे का ढेर लगा हुआ है। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 33261732 दर्ज कराई थी। आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय विभागीय स्तर पर शिकायत को ‘मांग आधारित’ बताकर जबरन बंद कर दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने आगामी कार्रवाई के लिए 4 अगस्त को कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 19 अगस्त को नगर पालिका के कर्मचारी जयकुंवर सहरिया महिलाकर्मी, शकील खान, बृजमोहन खरे (बंटी), अमित आर्य उनके घर पहुंचे। जब परिवार ने शिकायत बंद करने से इनकार किया, तो कर्मचारी बंटी खरे ने परिजनों को डराते-धमकाते हुए कहा कि यदि शिकायत बंद नहीं की, तो घर के सामने तीन मरे हुए सूअर-कुत्ते फिंकवा दिए जाएंगे और एक डंपर भर कचरा डलवा दिया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने घर में मौजूद 80 साल के बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
परिवार का दावा है कि यह पूरी घटना उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशाल भार्गव ने एसपी को आवेदन सौंपकर धमकाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
