नई दिल्ली, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि सौ साल पहले भारतीय हॉकी टीम के न्यूजीलैंड दौरे ने दोनों देशों के बीच खेलों के ऐतिहासिक रिश्तों की मजबूत नींव रखी थी, जो आज भी हमारी खेल संस्कृति का एक अहम हिस्सा है।
व्यक्तित्व और खेल का विकास
‘जो खेले, वो खिले’ का मूल मंत्र देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेलों का उद्देश्य केवल मैदान पर जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि इससे युवाओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक खिलाड़ी की सफलता उसके परिवार, स्कूल और पूरे देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाती है।
आधुनिक इकोसिस्टम का संकल्प
प्रधानमंत्री ने देश के हर जिले में छुपी खेल प्रतिभाओं को तराशने और वाटर व विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने का आह्वान किया। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया डायलॉग और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर्स के जरिए देश में एक विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

