सतना/मैहर : जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सतना और मैहर जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाया गया अभियान लगातार जारी है. विभाग की टीमों ने दोनों जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 80 खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र कर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है.रिपोर्ट में हो रही इसी लेट-लतीफी का फायदा उठाकर मिलावटखोर बेखौफ कारोबार कर रहे हैं और अब तक किसी भी प्रतिष्ठान पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है.
जांच अभियान के दौरान पटेरी स्थित बीकानेर वर्कशॉप और मधुवन डेयरी से दूध, दही व घी के नमूने लिए गए, वहीं उचेहरा में पाठक मिष्ठान, मोहन स्वीट्स और सुशील मिष्ठान भंडार की जांच की गई.इसी तरह वगहना की आशीष डेयरी से दूध, दही व पनीर और बीना स्वीट्स से हरी मटर व नमकीन के सैंपल भरे गए.मझगवां में बांबे स्वीट्स में भारी गंदगी मिलने पर 15 किलो बूंदी हटवाई गई और मोतीचूर लड्डू का नमूना लिया गया, जबकि बस स्टैंड स्थित प्रिंस स्वीट्स से कलाकंद, रसगुल्ला व बेसन के लड्डू के सैंपल लेकर संचालक को साफ-सफाई बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई.
त्योहारों और आम दिनों में बड़े पैमाने पर की जाने वाली इस सैंपलिंग की हकीकत यह है कि जब तक भोपाल से रिपोर्ट आती है, तब तक संबंधित सामग्री बाजार में खप चुकी होती है.विभाग की इस सुस्त कार्यप्रणाली और ठोस कार्रवाई के अभाव में आम जनता की सेहत से सीधा खिलवाड़ हो रहा है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्वरित रिपोर्ट और मौके पर सख्त जुर्माने जैसी व्यवस्था के बिना मिलावट के इस काले कारोबार पर लगाम लगाना संभव नहीं है.
राहत भरी खबर
जिले में अभी तक खाद्य विभाग के द्वारा कि गई जाँच रिपोर्ट में जिले में एनालॉग पनीर नहीं पाया गया है जिससे लोगो के लिए राहत भरी खबर है.
