
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के 10 साल के सफर की तारीफ करते हुए इसे देश की डिजिटल भुगतान क्रांति में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली ताकत करार दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका ज़बरदस्त विस्तार और पहुंच हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। श्री मोदी ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पिछले 10 सालों में यूपीआई के सफ़र को याद किया और लोगों से यह बताने को कहा कि इस डिजिटल भुगतान प्रणाली ने उनकी ज़िंदगी कैसे बदली है। उन्होंने कहा, ” एक दशक पहले यूपीआई की शुरुआत की गयी थी, जो भारत के डिजिटल भुगतान के सफ़र में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।”
उन्होंने कहा, ” यूपीआई का विशाल विस्तार और पहुच ऐसी चीज़ है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से अपने अनुभव साझा करने और यह बताने का आग्रह किया कि इस प्लेटफ़ॉर्म का उनके रोज़मर्रा के जीवन पर क्या असर पड़ा है। ” उन्होंने कहा कि यूपीआई भारत के डिजिटल भुगतान अवसंरचना का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है। यह उपयोगकर्ताओं को मोबाइल एप्लिकेशन और दूसरे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बैंक खातों के बीच तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। इसके तेज़ी से विस्तार ने देश भर में लोगों, व्यवसायों और व्यापारियों के रोज़मर्रा के लेन-देन के तरीके को बदल दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लेकर आस-पास की दुकानों और सड़क किनारे सामान बेचने वालों तक यूपीआई ने डिजिटल और कैशलेस भुगतान को ज़्यादा आसान और सुलभ बनाने में मदद की है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ ही यह प्लेटफ़ॉर्म बड़े शहरों से आगे बढ़कर छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंच गया है। सरकार ने अक्सर यूपीआई को भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और प्रौद्योगिकी आधारित एवं आर्थिक रूप से समावेशी अर्थव्यवस्था बनाने की कोशिशों की एक बड़ी सफलता के तौर पर पेश किया है। श्री मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आयी हैं, जब सरकार डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार और औपचारिक भुगतान प्रणाली तक पहुंच को मज़बूत करने पर लगातार ज़ोर दे रही है, और यूपीआई अब भारत के व्यापक डिजिटल बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है।
