देशी कावड़ यात्रा, मटकों में जल लेकर ग्रामीण पहुंचे शिव मंदिर

सीहोर। सावन सोमवार के अंतिम दिन भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और अपनी पुरातन ग्रामीण परंपरा एवं संस्कृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से ग्राम हीरापुर और ग्राम चंदेरी के किसानों ने मिलकर देसी कांवड़ यात्रा निकाली. किसानों ने मिट्टी के मटकों में कुलसी नदी का जल भरकर भगवान शिव को अर्पित किया और अच्छी वर्षा एवं फसलों की अच्छी पैदावार की कामना की.

किसानों की यह देसी कांवड़ यात्रा ग्राम हीरापुर और चंदेरी से होते हुए कुलांसी नदी पहुंची. यहां किसानों ने मिट्टी के मटकों में नदी का जल भरा. इसके बाद किसान पारंपरिक कांवड़ के माध्यम से जल लेकर शिव मंदिर पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक किया गया. इस यात्रा की खास बात यह रही कि किसानों ने पारंपरिक मिट्टी के मटके, बांस की लकड़ी और रस्सी से तैयार की गई देसी कांवड़ का उपयोग किया. किसानों की यह पहल ग्रामीण जीवन की सादगी, संस्कृति और पुरातन परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाती नजर आई.

किसान एमएस मेवाड़ा ने कहा कि भगवान शिव के प्रति किसानों की गहरी आस्था है. इसी आस्था और अपनी पुरानी परंपरा को कायम रखने के उद्देश्य से ग्राम हीरापुर और चंदेरी के किसानों ने देसी कांवड़ यात्रा निकालने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि मिट्टी के मटके और बांस से तैयार कांवड़ हमारी ग्रामीण संस्कृति और सादगी की पहचान है. उन्होंने ने कहा कि वर्तमान में महंगाई का असर हर परिवार पर पड़ रहा है. रक्षाबंधन का पर्व भी नजदीक है और शक्कर सहित खाद्य सामग्री के दाम बढ़े हुए हैं. यदि किसानों की फसलों की अच्छी पैदावार होती है तो उत्पादन बढ़ेगा और इससे बाजार में महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि अच्छी फसल और पर्याप्त उत्पादन किसानों के साथ आम जनता के लिए भी राहत लेकर आएगा.

 

 

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