
शाजापुर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और किसानों को समस्याओं को लेकर सोमवार को कांग्रेसियों ने शाजापुर में हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया. यहां युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा, तराना विधायक महेश परमार, मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामवीरसिंह सिकरवार, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयंत सिकरवार की मौजूदगी में सैकड़ों कांग्रेसी कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने निकले. लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने बेरिकेटिंग कर इन्हें रोक दिया. कांग्रेसियों को उग्र होते देख पुलिस ने वाटर केनन चलाकर इन्हें रोका. इसके बाद बसों में भरकर इन्हें पुलिस लाइन भेजा गया.
बता दें युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर हल्ला बोल कार्यक्रम रखा था. इस दौरान बस स्टैंड पर सभा भी हुई. युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान काली टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किया और अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारे लगाए.
पहली बार हुआ ऐसा आंदोलन
केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, जो आए दिन नए-नए नियमों को लेकर आम जनता और विपक्ष के निशाने पर आ रही है. इन्हीं मामलों को लेकर आज कांग्रेस ने शाजापुर में संभवत: पहली बार इतने वृहद स्तर पर आंदोलन किया. जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कांग्रेस नेता शामिल हुए. इस आंदोलन के बाद जिले के स्थानीय कांगे्रस नेताओं में नई ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है.
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा कि मुख्य मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों के आंदोलनों के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने बिहार में छात्रों के खिलाफ एके-47 के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया. चिब ने कहा कि युवा कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर देशभर में संघर्ष जारी रखेगी. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी को भी प्रमुख मुद्दा बताया. चिब के मुताबिक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की जरूरत है. उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बडिय़ों और एनटीए से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा.
