तीन महीने से खंगाल रहे थे लकड़ी का स्टॉक, गड़बड़ी मिली तो मशीन सील

इंदौर. जीएनटी मार्केट में लकड़ी के कारोबार पर वन विभाग की निगाह पिछले तीन महीने से थी. टीम स्टॉक और कारोबारियों के अभिलेखों का मिलान कर रही थी. जांच में स्टॉक और दस्तावेजों में अंतर सामने आने के बाद सोमवार को एक मशीन सील कर दी गई. विभाग ने अब दो और मशीनों पर कार्रवाई की तैयारी की है.

वन विभाग की टीम को जीएनटी मार्केट में लकड़ी के स्टॉक के निर्धारित मात्रा से अधिक होने और उसके अनुरूप दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद मौके पर मौजूद स्टॉक और अभिलेखों की जांच शुरू की गई. करीब तीन महीने तक दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन किया. जांच में अंतर सामने आने के बाद संबंधित कारोबारी से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह उन्हें उपलब्ध नहीं करा सका. इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जांच में सामने आई गड़बड़ी की जानकारी दी गई. निर्देश मिलने पर टीम ने संबंधित मशीन को सील कर दिया. मशीन सील करने के साथ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा रही है.

पहले भी एक मशीन सील, अब दो और निशाने पर

जीएनटी मार्केट में यह कार्रवाई पहली नहीं है. वन विभाग पहले भी एक मशीन सील कर चुका है. सोमवार की कार्रवाई के बाद दो अन्य मशीनों पर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी. जांच के दौरान जहां भी स्टॉक और अभिलेखों में अंतर या नियमों के विपरीत गतिविधियां मिलेंगी, वहां कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा कार्रवाई अचानक नहीं की गई है. जीएनटी मार्केट में अनियमितताओं की जांच और अभिलेखों का सत्यापन करीब तीन महीने से चल रहा था. इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों और दस्तावेजों में कमियों को लेकर जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी.

आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी

मामले में रेंजर संगीता ठाकुर ने नव भारत को बताया कि जीएनटी मार्केट में करीब तीन महीने से स्टॉक और अभिलेखों का मिलान कर जांच की जा रही थी. जांच में स्टॉक और दस्तावेजों में अंतर मिला. संबंधित पक्ष दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर मशीन सील की गई है. संदिग्ध मशीनों और अभिलेखों में गड़बड़ी मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

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