
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, दिल्ली के उपराज्यपाल तरंजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, श्री मल्होत्रा, भाजपा के सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में श्री जेटली की पत्नी संगीता जेटली, उनके पुत्र एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रोहन जेटली, पुत्री सोनाली जेटली बख्शी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इसके अलावा सांसद धर्मेन्द्र प्रधान, श्री अनुराग ठाकुर, श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्रीमती कमलजीत सहरावत और सुश्री बाँसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, विधायक सतीश उपाध्याय, श्री हरीश खुराना, श्री ओमप्रकाश शर्मा, दिल्ली भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी श्री विष्णु मित्तल सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने भी श्री जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि श्री जेटली केवल पूर्व वित्त मंत्री नहीं थे, वह एक ओजस्वी वक्ता, कुशल संगठनकर्ता और सबके मित्र थे।
राजनीति में विरोधी भी उनकी बात को सम्मान से सुनते थे। उन्होंने कहा कि श्री जेटली ने देश की अर्थव्यवस्था को नयी दिशा दी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसा ऐतिहासिक सुधार, दिवालिया कानून, बैंकिंग सुधार हर निर्णय में उनका दूरदर्शी नेतृत्व दिखता था। उन्होंने कहा कि श्री जेटली मुश्किल समय में सरकार की ढाल बनकर खड़े होते थे और मीडिया में तथ्यों के साथ पार्टी का पक्ष इतनी मजबूती से रखते थे कि आलोचक भी निरुत्तर हो जाते थे। क्रिकेट के साथ ही सभी खेलों से खासकर बैडमिंटन से उन्हें विशेष लगाव था। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जेटली राष्ट्रसेवा का पर्याय थे। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने देश को सरल जीएसटी प्रणाली दी और बैंकिंग सुधार जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से देश की अर्थव्यवस्था को नयी मजबूती दी। उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में उनकी ओजस्वी वाणी, तर्क और तथ्यों के साथ विरोधियों को निरुत्तर करने की क्षमता हमें आज भी प्रेरणा देती है।
