सीहोर। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में आज शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मौसम ने करवट ली और पूरा शहर धूल की मोटी चादर में छिप गया. धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलानी पड़ी. आंधी के कारण नेशनल हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई. महज 5 से 10 मीटर की दूरी पर भी देख पाना मुश्किल हो रहा था. आंधी का असर इतना तीव्र था कि रेलवे स्टेशनों पर पटरियां तक नजर नहीं आ रही थीं, जिससे ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा. मौसम विभाग और स्थानीय अनुमानों के अनुसार, इस दौरान हवा की गति 50 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई.अचानक आई इस धूल भरी आंधी के पीछे थंडरस्टॉर्म और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव में बदलाव जिम्मेदार होते हैं. लगभग 15 मिनट तक अंधड़ चलने से शहर धूल धूसरित हो गया था. लोग धूल से बचने के लिए सुरक्षित ठिकानों पर छुप गए थे.
